@ अगरतला त्रिपुरा :-
त्रिपुरा में गरिया पूजा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। जनजातीय और गैर-जनजातीय समुदायों के लोग इस उत्सव में भाग ले रहे हैं और सद्भाव, मेलजोल तथा कल्याण का संदेश फैला रहे हैं।
त्रिपुरा में गरिया पूजा एक प्रमुख जनजातीय त्योहार है, जिसे खासकर त्रिपुरा के ट्राइबल समुदाय (जैसे त्रिपुरी/देबबर्मा) बड़े उत्साह से मनाते हैं।गरिया पूजा खेती, समृद्धि और खुशहाली से जुड़ा त्योहार है। इसमें गरिया देवता की पूजा की जाती है, जिन्हें धन, फसल और संतानों के रक्षक माना जाता है।

यह त्योहार आमतौर पर अप्रैल महीने में मनाया जाता है, खासकर बिजू/नए साल (बैसाख) के आसपास। यह पूजा 7 दिनों तक चलती है।
अगरतला में प्रगति स्कूल ग्राउंड, कृष्णानगर बॉयज़ क्लब, नेताजी क्लब और कॉस्मोपॉलिटन क्लब सहित कई स्थानों पर सामुदायिक पूजा का आयोजन किया गया है, साथ ही राज्य के कई स्थानों पर भी पूजा आयोजित की गई हैं। बाबा गरिया को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालु पत्तियों, रंगीन धागों और कपड़ों से सजे बांस के डंडों के साथ-साथ फूल और फल भी अर्पित कर रहे हैं।
जमातिया होडा की पहल पर राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन तेलियामुरा के गर्जनटोली में हो रहा है। विभिन्न जनजातीय समुदायों के सदस्य श्रद्धा के साथ अनुष्ठान कर रहे हैं और समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य तथा समग्र कल्याण के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा और विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी सहित अन्य लोगों ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।
