उत्तर प्रदेश ने निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में 8 वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा: योगी आदित्यनाथ

@ लख़नऊ उत्तरप्रदेश :-

विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में पिछले साढ़े आठ वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। उनके अनुसार वर्ष 2017 के बाद प्रदेश ने पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर निर्णायक यात्रा तय की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो प्रदेश पहले ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ के लिए चर्चित था, आज उसकी पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले न स्पष्ट औद्योगिक नीति थी और न निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, जबकि आज प्रदेश ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्म और टाइमली डिलीवरी के ट्रिपल-टी मॉडल के साथ प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है।

मुख्यमंत्री के अनुसार औद्योगिक निवेश की पहली शर्त सुरक्षा, दूसरी सुविधा और तीसरी स्पष्ट नीति होती है, जो पहले प्रदेश में उपलब्ध नहीं थीं। अब सरकार सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड के ट्रिपल-एस मॉडल के साथ फियरलेस बिजनेस और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू की गई हैं और ‘निवेश मित्र’, ‘निवेश सारथी’ तथा ‘उद्यमी मित्र’ जैसी व्यवस्थाओं ने निवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया है। प्रदेश ने डीरेगुलेशन और डीक्रिमिनलाइजेशन के क्षेत्र में भी बड़े सुधार किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश 14वें स्थान पर था, जबकि अब टॉप अचीवर स्टेट के रूप में स्थापित है। उन्होंने दावा किया कि 13 राज्य अधिनियमों के 99% आपराधिक प्रावधान समाप्त कर उद्योगों के लिए भयमुक्त वातावरण तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि आजादी से वर्ष 2017 तक प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने स्थापित हुए थे, जबकि 2017 के बाद इनकी संख्या 31,000 से अधिक हो चुकी है। पिछले साढ़े आठ वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55% उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में प्रदेश की हिस्सेदारी 60% से अधिक है। रक्षा उत्पादन और खेल उद्योग में भी निवेश तेजी से बढ़ रहा है, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार ने प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय गंतव्य बनाया है। सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड के मॉडल के आधार पर उत्तर प्रदेश देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।

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