@ कोटद्वार उत्तराखंड :-
उत्तराखंड फाउंडेशन (नॉर्थ अमेरिका), प्रवासी उत्तराखंड सेल एवं किताब क्लब के संयुक्त तत्वावधान में दुगड्डा ब्लॉक स्थित पीएम श्री जीआईसी बल्ली में दस दिवसीय समर कैंप (5 जून-15 जून 2025) का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

शिविर के अंतिम दिन बाल सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने सीखे हुए ज्ञान और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन उत्तराखंड फाउंडेशन के को-ऑर्डिनेटर सुभाष डबराल, स्थानीय समन्वयक प्रसन्न सिंह नेगी, विद्यालय के प्रधानाचार्य युगजीत सेमवाल तथा किताब क्लब टीम लीडर आयुष प्रियम तथा डायरेक्टर मिस स्नेहा मिसरन के नेतृत्व में किया गया।
बाल सभा के दौरान 70 से अधिक छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक, भाषण, नृत्य और गायन के माध्यम से शिविर के दौरान अर्जित ज्ञान और रचनात्मकता को मंच पर उतारा। प्रस्तुतियों में पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वच्छता, और सार्वजनिक भाषण कौशल जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
गढ़वाली लोकनृत्य ने स्थानीय संस्कृति को जीवंत किया, जबकि पंजाबी, बंगाली, राजस्थानी और मराठी गीतों पर प्रस्तुत बहु-सांस्कृतिक नृत्य ने कार्यक्रम को रंगारंग बना दिया।

गढ़वाली हास्य नाटक ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। सीनियर छात्रों द्वारा शिक्षा के महत्व पर प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक और किताब क्लब टीम द्वारा लैंगिक समानता पर मंचित नाटक ने सामाजिक संदेश को मजबूती से दर्शाया।
प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
शिविर में विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, बच्चों की रचनात्मक सोच की यह झलक आगंतुकों को अत्यंत प्रभावित कर गई।
दो सत्रों में चला कैंप
समर कैंप के दौरान हर दिन दो सत्र आयोजित किए गए।
प्रथम सत्र में साइलेंट रीडिंग, नैरेटिव बिल्डिंग, रचनात्मक लेखन, नाटक लेखन और रीयल टाइम स्किट प्रैक्टिस जैसी गतिविधियाँ कराई गईं, जिससे विद्यार्थियों की भाषा और अभिव्यक्ति क्षमता को प्रोत्साहन मिला।
द्वितीय सत्र में नेचर वॉक, जेंडर सेंसिटाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोरियन और फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाओं की झलक, विज्ञान प्रयोग, और आर्ट एंड क्राफ्ट जैसी व्यावहारिक गतिविधियों का समावेश रहा।

अतिथियों ने की सराहना, शिविर ने दिए गहरे प्रभाव
समापन अवसर पर बाल भारती स्कूल के संस्थापक गिरिराज सिंह रावत और सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य त्रिलोचन सुंद्रियाल ने विशेष अतिथि के रूप में बच्चों का उत्साहवर्धन किया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
यह दस दिवसीय समर कैंप न केवल रचनात्मकता और सांस्कृतिक समझ को विकसित करने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों में निरंतर सहभागिता, सीखने की उत्सुकता और समय प्रबंधन जैसे गुणों को भी मजबूती से उभारा। यह संभव हो सका विद्यालय के प्रधानाचार्य, स्थानीय समन्वयकों तथा किताब क्लब टीम की निरंतर उपस्थिति और सहयोग से, जिनकी प्रतिबद्धता ने इस शिविर को एक प्रेरणादायक अनुभव बना दिया।
इस सफल पहल की आधारशिला उत्तराखंड फाउंडेशन ( नॉर्थ अमेरिका) द्वारा प्रदान किया गया सहयोग एवं अमूल्य मार्गदर्शन रहा ।

