@ चेन्नई तमिलनाडु :-
तमिल भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इतालवी विद्वान वीरमामुनिवर की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर माननीय मंत्रियों ने अन्नरथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के दौरान वीरमामुनिवर के तमिल भाषा के प्रति समर्पण और उनके साहित्यिक योगदान को याद किया गया। मंत्रियों ने कहा कि वीरमामुनिवर ने तमिल भाषा के प्रचार-प्रसार और साहित्यिक विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। एक विदेशी विद्वान होने के बावजूद उन्होंने तमिल भाषा को अपनाया और उसके साहित्य को समृद्ध बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वीरमामुनिवर का जीवन भाषाई विविधता, सांस्कृतिक एकता और साहित्य के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने तमिल भाषा के व्याकरण, साहित्य और शब्दकोश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए, जिससे तमिल भाषा को व्यापक पहचान मिली।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि महान विद्वानों और साहित्यकारों के योगदान को याद करना नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने तमिल भाषा और साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने तथा इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम का समापन वीरमामुनिवर के योगदान को नमन करते हुए किया गया।
