@ गांधीनगर गुजरात :-
गुजरात सहित देश-दुनिया के पर्यटकों एवं माईभक्त श्रद्धालुओं के लिए यात्राधाम ‘महाकाली मंदिर-पावागढ़’ एक महत्वपूर्ण हॉट फेवरेट हेरिटेज-रिलीजियन टूरिज्म स्पॉट है। पावागढ़ प्राचीन-पुरातन काल से माईभक्तों के लिए श्रद्धा एवं आस्था का केन्द्र रहा है। इतना ही नहीं; पावागढ़-महाकाली मंदिर सहित समग्र चाँपानेर आर्कियोलॉजी पार्क यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार जब राज्य की सभी विश्व धरोहरों के संरक्षण तथा विकास के लिए प्रतिबद्ध है, तब पावागढ़-चाँपानेर में भी विकास तथा सुविधाओं के लगातार विस्तार की धूम है।

गुजरात सरकार फहरा रही पावागढ़ पर ‘विकास पताका’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार करोड़ों हिन्दुओं व माईभक्तों की आस्था के इस विश्व प्रसिद्ध केन्द्र पर विकास की पताका फहरा रही है। राज्य सरकार ने पावागढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए 359 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले मेगा मास्टर प्लान के साथ यहाँ विकास कार्यों तथा ढाँचागत सुविधाओं की झड़ी लगा दी है। चार चरणों वाले मास्टर प्लान अंतर्गत पावागढ़ में बड़े पैमाने पर यात्री सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास कार्य चल रहे हैं, जिनमें पहले तथा दूसरे चरण के कार्य पूरे हो गए हैं।
दो चरणों में श्रद्धालुओं को मिली 121 करोड़ रुपए की सुविधाएँ
गुजरात सरकार तथा उसके उपक्रम गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड द्वारा इस मेगा मास्टर प्लान अंतर्गत पावागढ़ में दो चरणों में 121 करोड़ रुपए की लागत से श्रद्धालुओं को सुविधाओं की बड़ी भेंट दी गई है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है मंदिर तथा मंदिर परिसर का नवीनीकरण तथा विस्तारीकरण। पहले मंदिर परिसर 545 वर्ग मीटर का था, जो अब लगभग 6 गुना बढ़कर तीन लेवल में 2980 वर्ग मीटर का विशाल हो गया है। साथ ही; परिसर में पाथ-वे पर बिजलीकरण, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा; माँची चौक से मंदिर परिसर तक सीढ़ियों के नवीनीकरण-विस्तारीकरण अंतर्गत 3.01 किलोमीटर चौड़े पाथ-वे के साथ कुल 2374 सीढ़ियों का निर्माण किया गया है।
तीसरे-चौथे चरण में और वैभवशाली बनेगा महाकाली धाम
पावागढ़ के महाकाली धाम को तीसरा चरण तथा चौथा चरण और वैभवशाली बनाएंगे, जिनकी कुल लागत 238 करोड़ रुपए है। इसमें 148 करोड़ रुपए की लागत वाले तीसरे चरण को ‘फेज-3ए’ तथा ‘फेज-3बी’ में बाँटा गया है। 13.68 करोड़ रुपए की लागत वाले फेज3-ए में माँची चौक में मल्टी-लेवल पार्किंग का कार्य पूरा हो गया है। इसी प्रकार; फेज-3बी में 135.19 करोड़ रुपए की लागत से चाँपानेर में आंतरिक-बाह्य सड़कें, पाथ-वे, इलेक्ट्रिफिकेशन, प्लांटेशन, 600 से अधिक स्कूटर-कार के लिए विशाल पार्किंग सुविधा, बस सुविधा और इसके अलावा; वडा तालाब परिक्षेत्र में उद्यान, घाट, वाटर जेटी, फुटओवर ब्रिज, थीम पार्क, चिल्ड्रन प्ले एरिया, एक्टिविटी एरिया, बर्ड वॉच टावर, क्राफ्ट स्टॉल और 500 कार पार्किंग सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।
‘विरासत भी, विकास भी’ के लिए निरंतर प्रयासरत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
इस प्रकार; जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात सहित समग्र देश में भारत की प्राचीन संस्कृति, विरासत और पहचान के पुनर्जागरण के लिए ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी हर छोटे-बड़े यात्राधाम-तीर्थधाम तथा आस्थास्थल को उसके प्राचीन-पुरातनकालीन इतिहास के साथ जोड़ने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ यात्राधामों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्ज बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
‘पावागढ़ पुनरुद्धार’ के चार वर्ष, श्रद्धालुओं की संख्या दुगुनी होकर 3.84 करोड़ के पार
इस बीच गत 18 जून, 2026 को ‘पावागढ़ पुनरुद्धार’ के चार वर्ष पूर्ण हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 जून, 2022 को पावागढ़ के नवनिर्मित शिखर पर 500 वर्षों के बाद कलश तथा ध्जवारोहण किया था। पावागढ़ पुनरुत्थान के बाद यहाँ आने वाले माईभक्तों, श्रद्धालुओं और धार्मिक पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। पावागढ़ पुनरुत्थान के बाद यानी वर्ष 2022-23 से 2025-26 (18 जन, 2026 तक) यानी चार वर्षों में 3 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रद्धालु पावागढ़ की यात्रा पर पहुँचे। इससे पहले 2016-17 से 2021-22 तक पाँच वर्ष में 2.32 करोड़ श्रद्धालुओं ने पावागढ़ की यात्रा की थी। कुल मिलाकर 2016-17 से 2025-26 तक 6.17 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकाली मंदिर के दर्शन को पहुँचे। 2016-17 में जहाँ केवल 38.67 लाख श्रद्धालु पहुँचे थे, वहीं 2025-26 में यह आँकड़ा छह गुना बढ़कर 6. करोड़ 17 लाख से अधिक पर पहुँच गया। ऐसे में पावागढ़ में सरकार द्वारा मेगा मास्टर प्लान अंतर्गत किए जा रहे अनेक विकास-सुविधा कार्यों से श्रद्धालुओं की सुविधा और संख्या में और वृद्धि होगी।
