व्यापार समझौता वार्ता भारत-पेरू का 7वां दौर नई दिल्ली आयोजित हुई

@ नई दिल्ली

भारत–पेरू व्यापार समझौते के लिए सातवें दौर की वार्ता 8 अप्रैल से 11 अप्रैल, 2024 तक नई दिल्ली, भारत में आयोजित हुई। चर्चा में एक–दूसरे की प्राथमिकताओं और चिंताओं को समझना और यह सुनिश्चित करना शामिल था कि बातचीत आपसी सम्मान और लाभ पर आधारित हो।

सातवें दौर की वार्ता की शुरुआत में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि भारत–पेरू राजनयिक संबंधों की शुरुआत 1960 के दशक में हुई थी। उन्होंने महामहिम टेरेसा स्टेला मेरा गोमेज़, विदेश व्यापार उप मंत्री, पेरू की भारत यात्रा और अगस्त, 2023 में 9वें सीआईआई भारत–एलएसी सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय चर्चाओं का उल्लेख किया, जिन्होंने वार्ता को फिर से शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बर्थवाल ने कहा कि बातचीत का मूल सिद्धांत एक–दूसरे की ताकत को समझना और संवेदनशीलता का सम्मान करना होना चाहिए। बातचीत के तौर–तरीके उपयुक्त हितधारक परामर्शों, उद्योग जगत से मिले फीडबैक से सामने आ सकते हैं और बातचीत करने वाली टीमों को लाभकारी और खोजपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य विभाग के अपर सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि दो महीने के भीतर दो दौर की बातचीत आयोजित होना ही अपने आप में दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक सहयोग की इच्छा का प्रमाण है। उन्होंने प्रभावी और फास्ट ट्रैक के साथ वार्ता की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत में पेरू के राजदूत महामहिम जेवियर मैनुअल पॉलिनिच वेलार्डे ने उल्लेख किया कि हाल की वार्ताओं ने एक मजबूत आधार के लिए जमीनी कार्य किया है। उन्होंने साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में वार्ता के परिणामों पर विश्वास व्यक्त किया।भारत गणराज्य के विदेश मंत्रालय के अपर सचिव  जी. वी. निवास ने वार्ताओं के आयोजन के अंतराल को कम करने के विचार की सराहना की।

वार्ता के इस दौर में, विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें वस्तुओं के व्यापार, सेवाओं में व्यापार, व्यक्तियों की आवाजाही, उत्पत्ति के नियम, स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपाय, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं और व्यापार सुविधा, प्रारंभिक प्रावधान और सामान्य परिभाषाएँ, कानूनी और संस्थागत प्रावधान, अंतिम प्रावधान, व्यापार उपाय, सामान्य और सुरक्षा अपवाद, विवाद निपटान और सहयोग इत्यादि शामिल थे।

दोनों पक्षों से लगभग साठ प्रतिनिधियों ने वार्ता में भाग लिया। पेरू के प्रतिनिधिमंडल में विदेश व्यापार और पर्यटन मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल थे। भारतीय प्रतिनिधियों में वाणिज्य विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय, राजस्व विभाग, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग के अधिकारी और कानूनी और आर्थिक विशेषज्ञ शामिल थे। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौते पर पर्याप्त सहमति बनी और आकांक्षाओं और संवेदनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

पेरू लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई क्षेत्र में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है। पिछले दो दशकों में, भारत और पेरू के बीच व्यापार 2003 के 66 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2023 में लगभग 3.68 बिलियन डॉलर हो गया है। वार्ता के तहत हुआ व्यापार समझौता, विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे पारस्परिक लाभ और उन्नति के मार्ग खुलेंगे।

अगले दौर की वार्ता जून, 2024 में संभावित है। इससे पहले, वीसी पर अंतर–सत्रीय वार्ता आयोजित होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों पक्षों के अगले दौर की वार्ता से पहले लंबित मुद्दों का समाधान हो जाए।

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