@ रायपुर छत्तीसगढ़ :-
यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात को सुरक्षित, सुचारू और बाधारहित बनाए रखने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में एक्सप्रेस-वे के गौतमबुद्धनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 0 से 41 किलोमीटर तक के हिस्से को ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ घोषित कर दिया गया है।

नए आदेश के तहत इस क्षेत्र में किसी भी राजनीतिक, गैर-राजनीतिक या सामाजिक संगठन को धरना, प्रदर्शन, रैली अथवा किसी प्रकार का आंदोलन आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य एक्सप्रेस-वे पर यातायात बाधित होने से रोकना और यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।
यमुना एक्सप्रेस-वे देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच आवागमन करते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन से यातायात प्रभावित होने और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस कमिश्नरेट ने आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी शुरू किया है। एक्सप्रेस-वे के प्रमुख स्थानों, थाना परिसरों और पुलिस कार्यालयों में सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए लोगों को नए नियमों की जानकारी दी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार गौतमबुद्धनगर जिले के अंतर्गत आने वाले पूरे 41 किलोमीटर क्षेत्र में यह आदेश लागू रहेगा। नियमों के पालन की लगातार निगरानी की जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से एक्सप्रेस-वे पर यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध यात्रा का लाभ मिलेगा।
