@ कमल उनियाल द्वारीखाल उत्तराखंड
वर्षो से प्रकृति से निरंतर छेडछाड और वनाग्नी की घटनाओं से वनो के प्रति मानव का रिश्ता कम होता जा रहा है। पृथ्वी की जीवन की रेखा कह जाने वाले जंगल आगजनी की घटना से काले पहाड में तबदील हो रहे हैं। जिस कारण पृथ्वी का तापमान हर साल बढ रहा है।

वन और पर्यावरण से हमारा रिश्ता कम न हो इसलिए द हंस फाउंडेशन और भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, छात्रों, ग्रामीणो जनप्रतिनिधियो, चयनित फायर फाइटर को गोष्ठी, कार्यशाला, नुक्कड़ नाटक के द्वारा जागरूक कर रहे हैं।
इसी क्रम में द हंस फाउंडेशन और भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन के जयहरीखाल रैंज के संयुक्त तत्वावधान में वनो की सुरक्षा वन अग्निशमन एवम रोकथाम परियोजना के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सतपुली में आयोजित किया गया। जिसमे वन क्षेत्र अधिकारी विशन दत्त जोशी ने कार्यक्रम में आये सरपंचो, जनप्रतिनिधियो, फायर फाइटरो को वनाग्नी सुरक्षा और बचाव, उपाय वनाग्नि प्रबंधन फील्ड स्तर की गतिविधियों की महत्वपूर्ण जानकारी दी।
द हंस फाउंडेशन के सीडीएस सतीश चंद्र बहुगुणा ने कहा वन हमारे जीवन का अहम हिस्सा हैं इससे शीतल जलधारा से लेकर शुद्ध हवा हमे प्राप्त होती है इसलिए सभी को आगामी फायर सीजन में सहयोग करने की अपील की। एसडीआर एफ से आये टीम लीडर गबर सिह ने कहा उत्तराखंड में एसडीआर एफ आपदा प्रबंधन में अपनी सहभागिता और जागरुकता बढाने में हमेशा तत्पर है।

इस अवसर पर द हंस फाउंडेशन के ब्लाक कोडिनेटर संजय बंजवाल, मोटिवेटर अंजू रावत, जयहरीखाल रैंज वन दरोगा हरक सिंह दानु, वन दरोगा रमेश गुसाँई, एसडीआर एफ कर्मी दिनेश चन्द्र, महवीर रावत, सरपंच विनोद सिह चौहान, संजय रावत सहित गुडी देवी, झवरी देवी, उमा देवी, शालनी देवी, राखी देवी, महेश दास, रोहित सिह तथा विभिन्न गाँवो से आये फायर फाइटरो ने प्रतिभाग किया।
