उत्तराखंड की बेटी कीर्ति नेगी ने रचा इतिहास

@ नई दिल्ली :-

उत्तराखंड की बेटी कीर्ति नेगी ने रचा इतिहास: फ्रांस की Rennes School of Business से लग्ज़री ब्रांड मैनेजमेंट में अव्वलता, प्रजा टुडे से साझा किया अपने संघर्ष और सपनों का सफर*

उत्तराखंड की पवित्र भूमि एक बार फिर गर्व से गौरवान्वित हो उठी है। पौड़ी जिले के छोटे से गडरी गांव से निकलकर कीर्ति नेगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का डंका बजाया है। फ्रांस की प्रतिष्ठित Rennes School of Business से M.Sc. in Luxury Marketing and Brand Management में कीर्ति ने अव्वल स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।

यह केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, अथक मेहनत और आत्मविश्वास की कहानी है, जो उत्तराखंड की ऊंची पहाड़ियों से निकलकर यूरोप की आलीशान कक्षाओं तक पहुँची है।

बचपन से मेहनती, खाने की शौकीन और सपनों की पक्की

कीर्ति नेगी बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रही हैं। अपनी मेहनती प्रवृत्ति, उत्साही व्यक्तित्व और खाने के शौक के लिए जानी जाती हैं। उनकी कहानी बताती है कि छोटे गांवों से भी वैश्विक ऊँचाइयों तक पहुंचा जा सकता है, अगर लगन सच्ची हो और मार्गदर्शन सही।

इस समय कीर्ति फ्रांस में हैं, लेकिन उनका परिवार वर्तमान में दिल्ली के जी.टी.बी. एन्क्लेव में रहता है। उनके इस गौरवपूर्ण सफर में उनके माता-पिता, दादा-दादी और पूरा उत्तराखंड गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

 पिता भारतीय रेल में पायलट, दादा क्लास वन ऑफिसर से सेवानिवृत्त कीर्ति के पिता रवींद्र नेगी भारतीय रेलवे में पायलट के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा:

हमारी बेटी ने जो मुकाम हासिल किया है, वह सिर्फ हमारा नहीं, पूरे उत्तराखंड का गर्व है। उसकी मेहनत और जज़्बा हम सबके लिए प्रेरणा है।

कीर्ति के दादा गबर सिंह नेगी, जो एक क्लास वन ऑफिसर के रूप में सेवानिवृत्त हुए हैं, ने कहा:

मैंने अपने जीवन में कई उपलब्धियां देखी हैं, लेकिन अपनी पोती को वैश्विक स्तर पर चमकते देखना मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है। आज मुझे गडरी गांव का बेटा कहलाने पर और भी ज्यादा गर्व हो रहा है।

उनकी दादी जी ने भावुक होकर कहा:

हमने कीर्ति को बचपन से ही मेहनती और संस्कारी देखा है। उसका इतना बड़ा सपना पूरा होते देखना हमारे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं।

मां गीता नेगी की आंखों में गर्व और आंसू कीर्ति की मां गीता नेगी ने कहा:

मेरी बेटी ने जो कर दिखाया है, वो हर उस मां का सपना होता है जो अपनी बेटी को आत्मनिर्भर और सफल देखना चाहती है। उसने यह साबित कर दिया कि बेटियाँ भी बड़े-बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें साकार भी कर सकती हैं।

पूरे उत्तराखंड को कीर्ति नेगी पर गर्व

कीर्ति की यह सफलता उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गई है। यह दिखाता है कि गांवों से निकली बेटियाँ भी दुनिया के सबसे शानदार क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकती हैं। खासकर Luxury Marketing and Brand Management जैसे ग्लोबल विषय में कीर्ति की उपलब्धि भारत में दुर्लभ और प्रेरणादायक है।

Rennes School of Business के साथियों और प्रबंधन ने भी कीर्ति को उनके शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए बधाई दी है। वे अब आने वाले समय में लग्ज़री ब्रांड्स के साथ अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी कर रही हैं।

कीर्ति नेगी की सफलता — लाखों लड़कियों का सपना और प्रेरणा

कीर्ति ने साबित कर दिया कि:

छोटा गांव कभी सपना छोटा नहीं करता।

सपनों की ऊंचाई मेहनत से तय होती है।

बेटियाँ हर क्षेत्र में चमक सकती हैं, अगर उन्हें समर्थन और अवसर मिले।

कीर्ति नेगी को हार्दिक शुभकामनाएं! उत्तराखंड की यह बेटी अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुकी है। हम सभी को गर्व है कि गडरी गांव की कीर्ति नेगी ने Luxury Marketing जैसे प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में भारत और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

रिधि दर्पण संवाददाता से विशेष बातचीत

रिधि दर्पण संवाददाता ने जब कीर्ति से उनकी इस सफलता के पीछे का राज पूछा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा:

“सपना बहुत बड़ा था — लग्ज़री ब्रांड्स के साथ काम करना और दुनिया को भारत की पहचान दिलाना। लेकिन सपना देखना आसान होता है, उसे साकार करना मेहनत मांगता है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे मेरे परिवार का भरपूर साथ मिला।

बातचीत के दौरान कीर्ति ने अपने गांव गडरी, उत्तराखंड की संस्कृति, और दिल्ली में बीता छात्र जीवन भी साझा किया:

“उत्तराखंड की मिट्टी में कुछ ऐसा है जो आपको जड़ से जोड़े रखती है। फ्रांस में पढ़ाई करते वक्त जब भी थक जाती थी, तो अपने गांव की सादगी और माँ के हाथ का खाना याद आता था। उसी याद ने मुझे हिम्मत दी।

प्रजा टुडे के लिए कीर्ति का विशेष संदेश

प्रजा टुडे के माध्यम से कीर्ति ने देश की युवतियों के नाम एक प्रेरणादायक संदेश भी दिया:

“डरो मत, चाहे तुम किसी छोटे गांव से क्यों न हो। बड़े सपने देखने की हिम्मत करो और खुद पर विश्वास रखो। मेहनत और सच्ची लगन से तुम कहीं भी पहुंच सकती हो। अगर मैं गडरी गांव से फ्रांस पहुंच सकती हूं, तो आप भी कर सकते हैं।

भविष्य की योजनाएं

कीर्ति ने प्रजा टुडे को बताया कि वह लग्ज़री ब्रांड इंडस्ट्री में काम करके भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाना चाहती हैं।

“मैं चाहती हूं कि दुनियाभर में भारतीय ब्रांड्स को वही सम्मान और स्थान मिले जो अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स को मिलता है। मेरा अगला सपना है – भारतीय पारंपरिक उत्पादों को ‘लग्ज़री मार्केट’ में स्थापित करना।

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