गांधीनगर में ट्राइबल जीनोम प्रोजेक्ट पर संवाद आयोजित

@ गांधीनगर गुजरात :-

आदिजाति विकास मंत्री डॉ. कुबेरभाई डिंडोर और राज्य मंत्री कुंवरजी हळपति की अध्यक्षता में बुधवार को गांधीनगर में ट्राइबल जीनोम प्रोजेक्ट पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ।

संवाद कार्यक्रम में आदिजाति विकास मंत्री डॉ. कुबेरभाई डिंडोर ने कहा कि गुजरात ने फार्मास्युटिकल्स और केमिकल्स क्षेत्र के बाद अब बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी विकास की छलांग लगाई है। गुजरात में जनजातीय क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने के लिए ट्राइबल जीनोम अनुक्रमण (सीक्वेंसिंग) का प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है। गुजरात इस प्रकार का प्रोजेक्ट लॉन्च करने वाला पहला राज्य बन गया है।

मंत्री डिंडोर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट विज्ञान एवं परंपरा के बीच एक सेतु के रूप में आदिवासी समुदाय के समृद्ध एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। यह प्रोजेक्ट आदिवासी नागरिकों के स्वास्थ्य कल्याण के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा। इस प्रोजेक्ट को गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (जीबीआरसी) के द्वारा राज्य में क्रियान्वित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में गुजरात के 17 जिलों के विभिन्न आदिवासी समुदायों में से 2000 व्यक्तियों का जीनोम अनुक्रमण (सीक्वेंसिंग) किया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट के जरिए नैसर्गिक रोग प्रतिरोधक शक्ति, कैंसर और अन्य अनुवांशिक रोगों जैसे कि सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया आदि के जेनेटिक चिन्हों की पहचान संभव हो पाएगी। इसके अलावा, उनकी हेल्थ प्रोफाइल को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ा जाएगा। इस संवाद में विशेषज्ञों ने आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य के लिए जीनोमिक जानकारी के महत्व पर चर्चा की। ट्राइबल जीनोम प्रोजेक्ट न केवल एक वैज्ञानिक प्रयास है, बल्कि यह आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य में स्थायी सुधार पर केंद्रित एक अभियान भी है। इसमें आदिवासी समुदाय के जीनोम नमूनों के भौतिक संग्रह से लेकर डेटा एनालिसिस तक के सभी  चरणों में अत्याधुनिक उपकरणों-संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2025-26 के बजट के दौरान ‘क्रिएशन ऑफ रेफरेंस जीनोम डेटाबेस फॉर ट्राइबल पॉपुलेशन इन गुजरात’ नामक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत गुजरात के आदिवासी समुदाय के लिए रेफरेंस डेटाबेज बनाने का लक्ष्य है। यह प्रोजेक्ट आदिवासी समुदाय के जीनोमिक डेटा के अभाव की विसंगति को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में गुजरात के जनजातीय क्षेत्र के सांसद, विधायक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की प्रधान सचिव सु मोना खंधार, आदिजाति विकास विभाग की प्रधान सचिव शाहमीना हुसैन, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. विक्रांत पांडेय, गुजरात स्टेट बायोटेक्नोलॉजी मिशन के मिशन डायरेक्टर दिग्विजय सिंह जाडेजा, जीबीआरसी के निदेशक प्रो. चैतन्य जोशी, आदिजाति विकास निदेशक आशीष कुमार सहित कई वैज्ञानिक और आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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