अभयम 181 महिला हेल्पलाइन से गत 10 वर्षों में 16,58,892 महिलाओं को मिली मदद

@ गांधीनगर गुजरात :-

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में कार्यरत गुजरात सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रही है। अभयम 181 महिला हेल्पलाइन इस दिशा में राज्य सरकार की एक क्रांतिकारी पहल है। पिछले 10 वर्षों में राज्य की 16,58,892 महिलाओं ने इस हेल्पलाइन का उपयोग कर मुश्किल घड़ी में मदद प्राप्त की है।

उल्लेखनीय है कि गुजरात सरकार ने राज्य की महिलाओं, युवतियों, किशोरियों और बच्चियों सहित सभी आयु वर्ग की महिलाओं को संकट के समय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से मार्च, 2015 में अभयम 181 महिला हेल्पलाइन शुरू की थी। अभयम 181 महिला हेल्पलाइन घरेलू हिंसा, शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार सहित महिला के विरुद्ध होने वाले तमाम तरह के अपराधों के खिलाफ महिलाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।

महिलाओं की समस्याओं के निवारण के लिए 59 रेस्क्यू वैन कार्यरत

अभयम 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से राज्य की महिलाओं को चौबीसों घंटे सातों दिन निःशुल्क सेवा मिल रही है। राज्य की महिलाओं की समस्याओं का त्वरित निवारण करने के उद्देश्य से कुल 59 रेस्क्यू वैन कार्यरत हैं। इनमें से 12 वैन सेफ सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत अहमदाबाद में कार्यरत हैं। आपात स्थिति के दौरान अभयम रेस्क्यू वैन काउंसलर के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर महिलाओं की समस्या का समाधान करती है।

अब तक रेस्क्यू वैन के जरिए 3.31 लाख महिलाओं की मदद कर उनकी समस्याओं का निवारण किया गया है, जबकि 2.09 लाख मामलों का स्थल पर ही समाधान कर निपटारा किया गया है। अभयम 181 महिला हेल्पलाइन के तहत रेस्क्यू वैन और काउंसलिंग जैसी सेवाएं अनेक महिलाओं के लिए पारिवारिक अशांति के बीच सुख-शांति का पता बन गई हैं।

बता दें कि महिलाएं राज्य सरकार की इस सेवा का आसानी से उपयोग कर सकें, इसके लिए 6 अगस्त, 2018 को अभयम 181 मोबाइल एप्लीकेशन भी लॉन्च किया गया था। राज्य की 2.73 लाख से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए यह एप्लीकेशन डाउनलोड किया है।

2025-26 में 181 हेल्पलाइन के लिए 15 करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रावधान

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार महिला सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है, इस बात को अभयम 181 महिला हेल्पलाइन के लिए किए गए वित्तीय प्रावधान के आंकड़ों से समझा जा सकता है। राज्य सरकार ने गत 3 वर्षों में अभयम 181 महिला हेल्पलाइन के लिए कुल 37 करोड़ 78 लाख रुपए का आवंटन किया है।

राज्य सरकार ने वर्ष 2022-23 में इस हेल्पलाइन के लिए 10 करोड़ 50 लाख रुपए आवंटित किए थे, इसके बाद 2023-24 में 12 करोड़ 50 लाख रुपए और वर्ष 2024-25 में 14 करोड़ 78 लाख रुपए आवंटित किए गए। सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए अभयम 181 हेल्पलाइन के लिए 15 करोड़ 02 लाख रुपए का बजट प्रावधान मंजूर किया है। ये आंकड़ें बताते हैं कि राज्य सरकार अभयम 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से महिला सुरक्षा के ढांचे को लगातार मजबूत बना रही है।

अभयम की प्रशिक्षित टीमें महिलाओं की मदद के लिए तैयार

गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग, गृह विभाग, जीवीके ईएमआरआई (जीवीके-इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट) और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सहयोग से अभयम 181 महिला हेल्पलाइन के लिए प्रशिक्षित टीमें तैयार की गई हैं। कोई भी महिला किसी भी प्रकार की मुश्किल स्थिति में, किसी भी समय 181 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकती है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं को तात्कालिक बचाव, मदद और फोन पर मार्गदर्शन के साथ ही उनकी समस्याओं का सकारात्मक तरीके से समाधान करने के लिए दीर्घ और अल्पकालिक काउंसलिंग सेवा प्रदान की जाती है। इसके अलावा, महिला के घरेलू या अन्य किसी प्रकार की हिंसा का शिकार बनने की स्थिति में अभयम 181 हेल्पलाइन की रेस्क्यू वैन उस महिला की मदद की मदद के लिए पहुंच जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित महिला का सुरक्षित स्थान पर भी पहुंचाया जाता है।

अभयम 181 महिला हेल्पलाइन के तहत महिलाओं को मिलती है अनेक प्रकार की मदद

अभयम 181 हेल्पलाइन के अंतर्गत घरेलू हिंसा, शारीरिक, मानसिक, यौन या आर्थिक उत्पीड़न, कन्या भ्रूण हत्या, साइबर अपराध, वैवाहिक या अन्य संबंधों में विवाद-झगड़ा और इसके अलावा स्टोकिंग (पीछा करना), व्यसन मुक्ति, बाल विवाह, बेघर महिलाओं के मामलों जैसी महिलाओं से जुड़ी अनेक समस्याओं का समाधान किया जाता है।

इस हेल्पलाइन के शुरू होने के बाद पिछले 10 वर्षों में इस प्रकार की विभिन्न समस्याओं के लिए राज्य की अनेक महिलाओं को इस हेल्पलाइन की मदद से त्वरित समाधान मिला है। इसके अलावा, गुजरात की या दूसरे राज्य से गुजरात में आने वाली कोई भी महिला हेल्पलाइन पर फोन कर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विभिन्न सरकारी तंत्र जैसे महिला पुलिस स्टेशन, पुलिस स्टेशन-आधारित सपोर्ट सेंटर, मुफ्त कानूनी सहायता, परिवार सलाह केंद्र, संरक्षण अधिकारी और गुजरात राज्य महिला आयोग की सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकती है

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