@ नई दिल्ली :-
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 5233 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के साथ 272 किलोमीटर की 29 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। नीतीश गडकरी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप इन परियोजनाओं को दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट और रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने परिवहन लागत को कम करने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में अंतिम मील कनेक्टिविटी को मजबूत करने और तिरुपति नेल्लोर और रायचोटी जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में भीड़भाड़ को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है जिससे आंध्र प्रदेश भारत की विकास गाथा में सबसे आगे आ जाएगा।

उन्होंने देश की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में उल्लेखनीय गिरावट पर भी प्रकाश डाला। बेहतर सड़क बुनियादी ढांचे के कारण लॉजिस्टिक्स लागत 16 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत हो गई है और दिसंबर 2025 तक इसके 9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। इस कमी से निर्यात दोगुना होने और रोजगार में वृद्धि होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि एनएचएआई के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 120 प्रतिशत बढ़कर 2014 के 4000 किलोमीटर से 2025 में 8700 किलोमीटर हो गई है जो बुनियादी ढांचे पर आधारित आर्थिक विकास पर सरकार के जोरदार फोकस को दर्शाता है। इस अवसर पर मंगलागिरी में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू केंद्रीय मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण केंद्रीय राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी सांसद विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
एनएच-71 के मदनपल्ले से पिलेरू तक के खंड को 1994 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 56 किलोमीटर लंबे आधुनिक 4-लेन कॉरिडोर में बदल दिया गया है। इस महत्वपूर्ण उन्नयन में 9 फ्लाईओवर एक रेल ओवरब्रिज 19 प्रमुख पुल 5 वाहन अंडरपास और 10 स्थानीय अंडरपास शामिल हैं।इसी प्रकार एनएच-340सी के कुरनूल से मंडलेम सेक्शन को 31 किलोमीटर लंबे पक्के शोल्डर के साथ 4-लेन सड़क में अपग्रेड किया गया है जिसमें 858 करोड़ रुपए की लागत से एक फ्लाईओवर 4 वायडक्ट 3 स्थानीय अंडरपास और एक छोटा अंडरपास शामिल है।
इन विकास परियोजनाओं के साथ-साथ आंध्र प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से 27 अतिरिक्त परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा रही है। इनसे तिरुपति श्रीशैलम और कादिरी जैसे धार्मिक स्थलों और हॉर्सले हिल्स तथा वोडारेवु बीच जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच में सुधार होगा। आर्थिक केंद्रों श्री सिटी कृष्णापटनम बंदरगाह और तिरुपति हवाई अड्डे के साथ निर्बाध संपर्क स्थापित किए जाएंगे।
