@ हैदराबाद आंध्रा प्रदेश :-
(मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत आंध्र प्रदेश के तटीय गाँवों में 350 सागर मित्रों की नियुक्ति के संबंध में आंध्र प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। आंध्र प्रदेश सरकार से प्राप्त सूचना के अनुसार अनुमोदित और नियुक्त सागर मित्रों की जिलावार जानकारी अनुबंध-I में दी गई है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS), आंध्र प्रदेश सहित तटीय राज्यों को पोटेन्शियल फिशिंग ज़ोन्स (PFZ) संबंधी परामर्श प्रदान करता है। आंध्र प्रदेश सरकार ने सूचित किया है कि प्राप्त पोटेन्शियल फिशिंग ज़ोन्स संबंधी परामर्श गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के माध्यम से समुद्री मछुआरों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, मछुआरे और बोट मालिक NABHMITRA मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से मत्स्य झुंड (फिश शोल्स) की रियल टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पोटेन्शियल फिशिंग ज़ोन्स (PFZ) संबंधी जानकारी मछुआरों तक वॉयस मैसेज/ IVRS के माध्यम से पहुँचाई गई। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिलेवार पोटेन्शियल फिशिंग ज़ोन्स (PFZ) संबंधी जानकारी प्राप्त करने वाले मछुआरों की संख्या अनुबंध-II में दी गई है।
PMMSY में मछुआरों के लिए बीमा कवरेज का प्रावधान है, जिसमें मृत्यु या स्थायी पूर्ण अक्षमता के लिए 5 लाख रुपए और स्थायी आंशिक अक्षमता के लिए 2.5 लाख रुपए शामिल हैं। प्रीमियम राशि को केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जाता है, जिसमें लाभार्थी का कोई योगदान नहीं होता है। राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (NFDB) ने सूचित किया है कि आंध्र प्रदेश वर्तमान वित्त वर्ष (2025-2026) के दौरान PMMSY के अंतर्गत समूह दुर्घटना बीमा योजना (GAIS) का लाभ उठाने के लिए आगे आया है, जिसमें 207,63,370.4 रुपए के प्रीमियम के साथ 2,58,515 मछुआरों को कवर किया गया है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश सरकार ने सूचित किया है कि राज्य, मत्स्यन के दौरान मरने वाले मृतक मछुआरों के परिवारों को 10.00 लाख रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान कर रहा है।
यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री, जॉर्ज कुरियन ने ६ अगस्त २०२५ को राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।
