@ गुवाहाटी असम :-
असम के नाथनपुर गांव में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ₹6,839 करोड़ की लागत वाले वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम–II (VVP–II) की शुरूआत की। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और केन्द्रीय गृह सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज शुरु हो रहे वायब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम के माध्यम से पूरी बराक घाटी और असम के सीमांत ज़िलों के सभी गांवों में भारत के अन्य गांवों जितनी सुविधाएं देने का प्रयास और शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने की है।
उन्होंने कहा कि एक ज़माना था जब सीमांत गांव को देश का आखिरी गांव कहा जाता था क्योंकि वो विकास, रोज़गार, बिजली कनेक्टिविटी और शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने वायब्रेंट विलेजेज-1 कार्यक्रम में तय किया कि सीमा पर स्थित हर गांव आखिरी नहीं बल्कि भारत का प्रथम गांव है। शाह ने कहा कि आज से असम का यह गांव भी देश का प्रथम गांव बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गांव न सिर्फ विकास की दौड़ में बल्कि रोज़गार, शिक्षा, सड़क और दूरसंचार के क्षेत्र में भी देश के प्रथम गांव होंगे।
अमित शाह ने कहा कि वायब्रेंट विलेजज-2 में लगभग 6,900 करोड़ रूपए के खर्च से 17 राज्यों के 334 ब्लॉक्स के 1954 गांव शामिल हैं जिनमें 9 ज़िले, 26 ब्लॉक और 140 गांव असम के हैं। उन्होंने कहा कि असम के 140 गांवों में भारत के हर गांव जैसी पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगीं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में अरूणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के गांव भी शामिल हैं। शाह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे 334 ब्लॉक्स में लगभग 2000 गांवों के विकास का लगभग 7,000 करोड़ रूपए का कार्यक्रम आज से शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें सुरक्षा, स्कीम सैचुरेशन और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।
अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकारों ने असम में सालों तक शासन किया लेकिन राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमने अपने 10 साल के शासन में वो कर दिखाया जो पिछली सरकारें 50 साल में भी नहीं कर सकीं। उन्होंने कहा कि विगत 5 साल में प्रतिदिन असम में 14 किलोमीटर सड़क बनी है, जो भारत में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि असम में 24 हज़ार किलोमीटर से अधिक सड़कों को अपग्रेड किया गया है, अनेक पुल बनाए गए और 4 बड़े नए पुल पिछले 10 साल में हमारी डबल इंजन की सरकार ने असम की जनता को दिए हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब हमारी पार्टी की सरकार बनी थी तब असम में मल्टीडायमेंशनल पॉवर्टी 37 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 14 प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि 2013-14 में असम की प्रति व्यक्ति आय 49 हज़ार रूपए थी जो 2024-25 में तीन गुना बढ़कर 1 लाख 54 हज़ार रुपए हो गई। शाह ने कहा कि यहां की जनता के मन में आत्मविश्वास, सुशासन और शांति के कारण आया है। उन्होंने कहा कि असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने पहले होने वाले यहां बम धमाकों और उग्रवाद को भी समाप्त किया है।
अमित शाह ने कहा कि हिमंता जी के नेतृत्व में आज असम पूरे नॉर्थईस्ट का हेल्थ हब बन गया है और असम में 27 हज़ार करोड़ रूपए का सेमीकंडक्टर प्लांट आया है। उन्होंने कहा कि सड़कों के विकास के लिए 30 हज़ार करोड़ रूपए, रेलवे के लिए 95 हज़ार करोड़ रूपए और एयरपोर्ट के लिए 10 हज़ार करोड़ रूपए देने का काम मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि हम असम के विकास के लिए एक ल्यूक्रेटिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी भी लेकर आए हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में असम देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा और वायब्रेंट विलेज-2 कार्यक्रम इसका एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि हर सीमांत गांव देश के अन्य गांवों जितना विकसित हो, सीमा से पलायन न हो, सीमा से घुसपैठिए न घुस सकें और सुरक्षित असम के माध्यम से सुरक्षित भारत की कल्पना हमारी सरकार का संकल्प है। शाह ने कहा कि आज वायब्रेंट विलेजेज-2 कार्यक्रम की शुरूआत बराक वैली से हो रही है और यह 17 राज्यों के सीमांत गांवों तक विकास को पहुंचाएगा।

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