@ चंडीगढ़ पंजाब :-
भारतीय सेना के पूर्व उपप्रमुख और देश के प्रतिष्ठित सैन्य रणनीतिकार लेफ्टिनेंट जनरल विजय ओबेरॉय का सुबह चंडीगढ़ स्थित आर्मी अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और उपचाराधीन थे। उनके निधन की खबर से भारतीय सेना, रक्षा समुदाय और देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है।

लेफ्टिनेंट जनरल विजय ओबेरॉय भारतीय सेना के उन विशिष्ट अधिकारियों में गिने जाते थे जिन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उत्कृष्ट नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने सेना में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं और अपने अनुभव तथा नेतृत्व क्षमता के बल पर सेना के उपप्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) के पद तक पहुंचे। उनके कार्यकाल को सैन्य रणनीति, संगठनात्मक दक्षता और पेशेवर उत्कृष्टता के लिए याद किया जाता है।
सेना में सेवा के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर योगदान दिया। उनकी रणनीतिक समझ और सैन्य मामलों पर गहरी पकड़ के कारण वे सेना के भीतर और बाहर समान रूप से सम्मानित थे। वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों के बीच उनकी छवि एक कुशल नेतृत्वकर्ता और प्रेरणादायी व्यक्तित्व की रही।
सेवानिवृत्ति के बाद भी वे राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा नीति और सामरिक विषयों पर सक्रिय बने रहे। विभिन्न संगोष्ठियों, रक्षा मंचों और नीति चर्चाओं में उनके विचारों को गंभीरता से सुना जाता था। उन्होंने देश की सुरक्षा चुनौतियों और रक्षा सुधारों पर लगातार महत्वपूर्ण सुझाव दिए। युवा सैन्य अधिकारियों और रक्षा विशेषज्ञों के लिए वे एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत के रूप में जाने जाते थे।
उनके निधन पर सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, रक्षा विशेषज्ञों और विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। श्रद्धांजलि संदेशों में उन्हें एक दूरदर्शी सैन्य नेता, कुशल रणनीतिकार और सच्चा राष्ट्रभक्त बताया गया है। देश उनकी अमूल्य सेवाओं, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को सदैव याद रखेगा। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा और नेतृत्व के लिए प्रेरित करती रहेगी।
