राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) में ‘दीक्षारंभ समारोह’ शैक्षणिक सत्र 2026-27 का आयोजन

@ नई दिल्ली :-

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) ने नई दिल्ली स्थित अभिमंच सभागार में आयोजित ‘दीक्षारंभ समारोह’ के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नई दिल्ली (2026-2029 बैच) तथा अपने चार क्षेत्रीय केन्द्रों—बेंगलुरु, गंगटोक (सिक्किम), वाराणसी और अगरतला (त्रिपुरा)—के नवप्रवेशित विद्यार्थियों का पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों के साथ हार्दिक स्वागत किया।

समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली तथा इसके चारों क्षेत्रीय केन्द्रों में प्रवेश प्राप्त लगभग 110 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों को नई दिल्ली केन्द्र में नाट्य कला में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम, गंगटोक (सिक्किम) केन्द्र में नाट्य कला में एक वर्षीय प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम, बेंगलुरु (कर्नाटक) केन्द्र में अभिनय में एक वर्षीय पाठ्यक्रम, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) केन्द्र में भारतीय शास्त्रीय रंगमंच में एक वर्षीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम तथा अगरतला (त्रिपुरा) केन्द्र में शिक्षा-में-रंगमंच में एक वर्षीय प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

समारोह की गरिमामयी उपस्थिति राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय सोसायटी के उपाध्यक्ष प्रो. भरत गुप्त, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी, कुलसचिव प्रदीप कुमार मोहंती, प्रोफेसर एवं डीन (शैक्षणिक) प्रो. शंतनु बोस, मुख्य रंगमंडल प्रमुख राजेश सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर यशराज जाधव, सहायक प्रोफेसर अरुण कुमार मलिक, सहायक प्रोफेसर विवेक एम्मानेनी तथा पुस्तकालयाध्यक्ष एवं जनसंपर्क अधिकारी (प्रभारी) डॉ. ई. गजलक्ष्मी ने की।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के बेंगलुरु केन्द्र की केन्द्र निदेशक वीणा शर्मा भूसनूरमठ, गंगटोक केन्द्र के केन्द्र निदेशक सौति चक्रवर्ती, वाराणसी केन्द्र के केन्द्र निदेशक (प्रभारी) विवेक एम्मानेनी तथा अगरतला स्थित थिएटर-इन-एजुकेशन (टीआईई) केन्द्र के केन्द्र निदेशक बिप्लब बोरकाकोटी ने भी समारोह में सहभागिता करते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुरूप मंगलाचरण एवं पारंपरिक विधि-विधानों के साथ हुआ। इसके उपरांत वेत्री भूपति एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय संगीत की मनमोहक प्रस्तुति ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों की गरिमा को सजीव रूप से अभिव्यक्त किया। दीक्षारंभ समारोह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक यात्रा का प्रेरणादायी शुभारंभ किया।

 

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