@ नई दिल्ली :-
भारत ने अपनी सामरिक रक्षा क्षमता को और सुदृढ़ करते हुए 06 अगस्त, 2026 को मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-4’ का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से किया गया। मिसाइल का परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) की निगरानी में संपन्न हुआ, जिसमें सभी निर्धारित ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों की सफलतापूर्वक पुष्टि हुई।

परीक्षण के दौरान मिसाइल ने अपने तय मार्ग का सटीक पालन किया और सभी महत्वपूर्ण उड़ान मानकों पर अपेक्षित प्रदर्शन किया।
इससे यह साबित हुआ कि अग्नि-4 लंबी दूरी तक उच्च सटीकता के साथ लक्ष्य भेदने में सक्षम है। इस सफल परीक्षण से भारत की विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Credible Nuclear Deterrence) को और मजबूती मिली है।
‘अग्नि-4’ भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है।
यह लगभग 4,000 किलोमीटर तक की दूरी पर लक्ष्य साधने में सक्षम है और अत्याधुनिक नेविगेशन तथा मार्गदर्शन प्रणाली से लैस है। मिसाइल को विभिन्न प्रकार के वारहेड ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है तथा इसकी उच्च सटीकता इसे भारतीय सामरिक बलों के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफल परीक्षण से भारत की रणनीतिक तैयारियों और स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी की विश्वसनीयता को नई मजबूती मिली है। यह उपलब्धि देश की सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाती है।
