@ नई दिल्ली :-
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करना अनिवार्य होगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य सब्सिडी का लाभ केवल पात्र परिवारों तक पहुंचाना और घरेलू एलपीजी के व्यावसायिक व औद्योगिक दुरुपयोग को रोकना है।

सरकार के मुताबिक, आधार प्रमाणीकरण से एलपीजी कनेक्शनों को सत्यापित करने और डुप्लीकेट या अपात्र कनेक्शन हटाने में मदद मिलेगी। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया नहीं करनी होगी।
प्रमाणीकरण के लिए उपभोक्ताओं को कई विकल्प दिए गए हैं। सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल एप्लिकेशन, एलपीजी वितरक के शोरूम या संबंधित तेल विपणन कंपनी के मोबाइल एप के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इंडेन ग्राहक इंडियनऑयल वन, भारत गैस ग्राहक हेलो बीपीसीएल और एचपी गैस ग्राहक एचपी पे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
जो उपभोक्ता आधार प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते, उन्हें एलपीजी की आपूर्ति जारी रहेगी, लेकिन सब्सिडी नहीं मिलेगी और सिलेंडर बाजार मूल्य पर लेना होगा। ऐसे उपभोक्ता अपनी तेल विपणन कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल, व्हाट्सऐप चैटबॉट या आईवीआरएस के जरिए अपनी प्राथमिकता दर्ज करा सकेंगे।
सरकार के अनुसार, 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं, जो कुल उपभोक्ताओं का करीब 90 प्रतिशत है। सितंबर 2026 में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर पर अप्रत्यक्ष सब्सिडी करीब 210 रुपये थी।
