@ नई दिल्ली :-
डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ साइबर अपराधों की चुनौतियां भी लगातार गंभीर होती जा रही हैं। ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, डिजिटल भुगतान में ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और व्यक्तिगत जानकारियों की चोरी जैसी घटनाएं आज आम नागरिकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। ऐसे समय में साइबर सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और लोगों को डिजिटल अपराधों से बचाव के लिए सचेत करने के उद्देश्य से अमर संदेश समाचार पत्र की ओर से नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में रविवार को ‘नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस’ विषय पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर ‘सुरक्षा गौरव सम्मान-2026’ समारोह भी संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्रशासनिक सेवाओं, दिल्ली पुलिस, भारतीय तटरक्षक बल, साहित्य, कला, पत्रकारिता, समाजसेवा और अन्य सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की। समारोह का प्रमुख उद्देश्य साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप को समझना, डिजिटल सुरक्षा के प्रति नागरिकों को जागरूक करना और समाज में जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना रहा।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
समारोह का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना पूजा त्रि के समूह ने मनमोहक सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को गरिमामय वातावरण प्रदान किया और उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
दीप प्रज्वलन करने वाले प्रमुख अतिथियों में राजबीर आमिर, उपायुक्त, दिल्ली पुलिस; डॉ. अजय कुमार बिष्ट, आईएएस एवं स्टाफ ऑफिसर, मुख्य सचिव कार्यालय, दिल्ली सरकार; प्रतीक थपलियाल, एसीपी, भारतीय तटरक्षक बल; संजय जोशी, फिल्म निर्माता एवं उद्योगपति; तिलक चंद्र बिष्ट, एसीपी, दिल्ली पुलिस; डॉ. सी.के. पांडे; पवन मैठाणी, महासचिव, गढ़वाल हितैषिणी सभा, दिल्ली; मदन मोहन सती, मीडिया समन्वयक, मुख्यमंत्री उत्तराखंड, दिल्ली; वरिष्ठ विद्वान हरि सुमन बिष्ट; लेखक एवं रंगकर्मी हेम पंत; निम्मी ठाकुर; गुरु प्रताप थल्वाल तथा अमर संदेश समाचार पत्र के संपादक अमर चंद शामिल रहे।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
कार्यक्रम के दौरान मंचासीन वक्ताओं ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और डिजिटल तकनीक ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन अपराधों के नए तरीके भी सामने आए हैं। साइबर अपराधी लोगों की व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग विवरण और डिजिटल पहचान का दुरुपयोग कर आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतना प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी हो गया है।
वक्ताओं ने विशेष रूप से साइबर स्पेस की सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट और लिंक, सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा, डिजिटल भुगतान में सावधानियां, ई-मेल धोखाधड़ी, फिशिंग और ओटीपी से संबंधित ठगी जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि कई बार साइबर अपराधी आकर्षक संदेश, इनाम जीतने का लालच, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी अपडेट करने के बहाने या किसी परिचित के नाम से फर्जी संदेश भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे मामलों में बिना सत्यापन किसी लिंक पर क्लिक करना, अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा करना या निजी बैंकिंग जानकारी उपलब्ध कराना गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है।
वक्ताओं ने नागरिकों को सलाह दी कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, ई-मेल या लिंक पर तुरंत भरोसा न करें। डिजिटल लेनदेन करते समय आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें और अपने पासवर्ड तथा अन्य गोपनीय जानकारियों को सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित साइबर अपराध शिकायत तंत्र और सक्षम अधिकारियों को तत्काल सूचित करें।
साइबर सुरक्षा केवल सरकार नहीं, नागरिकों की भी जिम्मेदारी
समारोह में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि साइबर सुरक्षा को केवल सरकारी एजेंसियों या पुलिस की जिम्मेदारी मानकर नहीं छोड़ा जा सकता। डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने वाले प्रत्येक नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि आम लोग तकनीकी सुविधाओं का इस्तेमाल जागरूकता और सावधानी के साथ करें, तो साइबर अपराधों की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
वक्ताओं ने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक संपर्क के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर है। इसलिए युवाओं को साइबर सुरक्षा के नियमों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्हें न केवल स्वयं सुरक्षित रहना चाहिए, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल धोखाधड़ी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए उपलब्ध संभावनाओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। वक्ताओं के अनुसार, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से युवा इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं तथा देश की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।

‘सुरक्षा गौरव सम्मान-2026’ से विभूतियां सम्मानित
समारोह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण ‘सुरक्षा गौरव सम्मान-2026’ रहा। इसके अंतर्गत समाज, पत्रकारिता, साहित्य, संस्कृति, जनसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह के माध्यम से उन लोगों के कार्यों को पहचान देने का प्रयास किया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में समाज के प्रति सकारात्मक भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर रामेश हितैषी, दिनेश ध्यानी, अनिल पंत, आशीष असवाल, सुभाष गुसाई, उदय राठी, प्रेम चंद्रा, प्रताप नेगी, पत्रकार द्वारका शमीम, राजेश दंडरियाल, सत्येंद्र नेगी, कृष्णा जी.पी.एस. रावत, नवीन कोटियाल, अनु नेगी, रिया शर्मा, बबली अधिकारी , विजय लक्ष्मी भट्ट और कमला रावत सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वाले व्यक्तियों ने इस आयोजन को समाज में सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहन देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी सम्मानित प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की।
समाज के विभिन्न वर्गों की रही भागीदारी
इस जागरूकता समारोह में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, साहित्यकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि साइबर अपराधों के खिलाफ प्रभावी जागरूकता अभियान तभी सफल हो सकता है, जब प्रशासन, पुलिस, मीडिया, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।

जन-जागरूकता अभियान जारी रखने का संकल्प
समारोह के समापन अवसर पर आयोजकों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, वक्ताओं, सम्मानित विभूतियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमर संदेश समाचार पत्र का प्रयास सामाजिक सरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सार्वजनिक मंच प्रदान करना और जनहित के मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना है।
आयोजकों ने भविष्य में भी साइबर सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विषयों पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
कुल मिलाकर, कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘नेशनल साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस’ एवं ‘सुरक्षा गौरव सम्मान-2026’ समारोह ने डिजिटल सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह बात सामने आई कि सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण केवल तकनीकी व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों, सतर्क व्यवहार और सामूहिक सहभागिता से ही संभव है।
