@ फेरज़ॉल मणिपुर :-
31 अक्टूबर, 2026 को फेरज़ॉल जिले के शैक्षणिक संस्थानों में ‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ (RBSK) के तहत स्कूली स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य समस्याओं का जल्द पता लगाना और समय रहते जरूरी कदम उठाना है।

जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा कांगरेंग गवर्नमेंट हाई स्कूल, थिंगकल एलपी स्कूल और लोअर खर्खुपलिएन जेबी स्कूल में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। इसी तरह के शिविर इस सप्ताह की शुरुआत में भी लगाए गए थे: बुधवार को सर्तुइनेक जूनियर हाई स्कूल और पटपुइमुन के डीआर थुओमा हाई स्कूल में; गुरुवार को नगामपाबुंग जेबी स्कूल में; और शुक्रवार को फुलपुई एलपी स्कूल तथा अपर खर्खुपलिएन यूपी स्कूल में। इन आठ स्कूलों में 230 से अधिक छात्रों की स्वास्थ्य जांच की गई।
यह पहल सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है, जो RBSK के तहत स्वास्थ्य से जुड़ी चार प्रमुख श्रेणियों (जिन्हें ‘4 Ds’ कहा जाता है) पर केंद्रित हैं। इनमें जन्मजात दोष (Defects at Birth), कमियां (Deficiencies), बचपन की बीमारियां (Diseases in Childhood), और विकास में देरी या विकलांगता (Developmental Delays and Disabilities) शामिल हैं।

यह कार्यक्रम जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों में स्वास्थ्य समस्याओं का जल्दी पता लगाने, समय पर इलाज करने और मुफ्त प्रबंधन पर जोर देता है। इससे बच्चों को सही चिकित्सा देखभाल मिल पाती है, जो उनके समग्र स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और वृद्धि में सहायक होती है।
इस कार्यक्रम में आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने इन स्वास्थ्य जांच शिविरों को सफलतापूर्वक आयोजित करने में अपना पूरा सहयोग और समर्थन दिया।

