@ नई दिल्ली :-
31 अक्टूबर 2026 को IAS (AGMUT: 2025) बैच के अधिकारी प्रशिक्षुओं ने शहरी पर्यावरण को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ बनाने की दिशा में अपने अभिनव विचारों और व्यावहारिक समाधानों को प्रस्तुत किया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने वायु प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरणीय स्थिरता और नगरपालिका ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तैयार किए गए अपने मिनी-प्रोजेक्ट्स को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी के समक्ष प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर अधिकारी प्रशिक्षुओं ने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा ठोस कचरे के प्रभावी और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विभिन्न सुझाव साझा किए। प्रस्तुतियों में आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्थानीय स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया कि शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए केवल नीतिगत पहल ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक रणनीतियों और नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है।
उनके प्रोजेक्ट्स में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, कचरा प्रबंधन की प्रक्रियाओं में सुधार तथा प्रदूषण कम करने के संभावित उपायों को रेखांकित किया गया।
मनोज द्विवेदी के समक्ष हुई इन प्रस्तुतियों में अधिकारियों ने अपने विचारों के साथ-साथ ऐसी कार्ययोजनाएं भी साझा कीं, जिन्हें शहरी निकायों के स्तर पर अपनाकर पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान खोजा जा सकता है।
इस पहल का उद्देश्य युवा प्रशासनिक अधिकारियों को शहरी शासन की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना और उन्हें नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही, यह अनुभव उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में तकनीकी समझ, व्यावहारिक दृष्टिकोण और सतत विकास के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है।
प्रशिक्षु अधिकारियों के इन प्रयासों से स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल शहरी व्यवस्था विकसित करने के लिए नए विचारों और संभावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
