अहमदाबाद में अमित शाह ने डायल 112 के अंतर्गत जनरक्षक परियोजनाओं का उद्घाटन किया

@ नई दिल्ली :-

अहमदाबाद, गुजरात में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डायल 112 के अंतर्गत जनरक्षक परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘112 जनरक्षक’ प्रोजेक्ट के रूप में गुजरात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के गृह विभाग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि ‘112 जनरक्षक’ प्रोजेक्ट के लोकार्पण के साथ गुजरात पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा 217 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित आवासों और कार्यालयों का उद्घाटन और कुल 1000 पुलिस वाहनों का लोकार्पण भी किया गया है।

शाह ने कहा कि माणसा के पुलिस स्टेशन को बीआईएस प्रमाणन प्राप्त होना उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वे माणसा में ही जन्मे, बड़े हुए और वहीं से गुजरात तथा देश की राजनीति में योगदान देने के योग्य बने, इसलिए माणसा के पुलिस स्टेशन को बीआईएस प्रमाणन प्राप्त होना उनके लिए बहुत प्रसन्नता का विषय है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘112’ प्रोजेक्ट देश की आंतरिक सुरक्षा, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपातस्थिति में हर प्रकार की सुविधा समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदर्शी पहल है। शाह ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आज गुजरात ‘डायल 112 जनरक्षक’ के नक्शे में अपना स्थान दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक विभिन्न टोल-फ्री नंबरों का जाल, जैसे पुलिस के लिए 100, एम्बुलेंस के लिए 108, फायर सर्विस के लिए 101, महिला हेल्पलाइन के लिए 181, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, आपदा के लिए 1070 और 1077, लोगों को भ्रमित कर रहा था। लेकिन लोगों को अब आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन, फायर सर्विस, एम्बुलेंस और पुलिस सहायता जैसी किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी सेवा केवल एक नंबर, 112 डायल करने से बहुत कम समय में उपलब्ध हो जाएगी।

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अमित शाह ने कहा कि एक अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर से संचालित अत्यंत उन्नत नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) के माध्यम से सभी प्रकार की सेवाओं का समन्वय और जीपीएस से सुसज्जित वाहन एक वैज्ञानिक व्यवस्था के तहत कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि ये वाहन, जिसमें 108 एम्बुलेंस का बड़ा काफिला शामिल है, कॉल करने वाले व्यक्ति के स्थान (लोकेशन) का पता लगाकर निकटतम पुलिस, एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड वाहन तक सूचना पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। शाह ने कहा कि यह न्यू एज स्मार्ट पुलिसिंग सिस्टम की दिशा में गुजरात सरकार द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह परियोजना स्टेट इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर के माध्यम से संचालित होगी, जो अहमदाबाद में केन्द्रीय प्रबंधन के तहत 24 घंटे कार्यरत रहेगा। 150 सीटों की क्षमता वाला यह कॉल सेंटर हर सेकंड सतर्क रहकर एकीकृत प्रणाली (इंटीग्रेटेड सिस्टम) के माध्यम से सभी प्रकार की सेवाओं से जुड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि डायल 112 जनरक्षक पीसीआर वैन का काफिला, जिसमें कुल 1000 वाहन शामिल हैं, आज से ही जनता की सेवा में तैनात हो जाएगा। 112 प्रोजेक्ट के संचालन के लिए गुजरात सरकार प्रतिवर्ष 92 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

इन वाहनों में लाइट बार, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एमडीटी वायरलेस सेट, लोकेशन ट्रैकर जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही प्रशिक्षित कर्मचारियों की व्यवस्था भी प्रभावी ढंग से की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देशभर की पुलिस के लिए जो SMART Policing का आह्वान किया था, गुजरात सरकार ने आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होकर उसका शानदार निर्वहन किया है।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस, होमगार्ड और जेल कर्मचारियों के कार्य और निवास के लिए गुजरात पुलिस हाउसिंग बोर्ड ने 217 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इन इमारतों में उपलब्ध बेहतर सुविधाओं के साथ पुलिस कर्मचारी, होमगार्ड जवान और जेल कर्मचारी गुजरात की जनता की सेवा और भी प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।

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अमित शाह ने कहा कि गुजरात देश के सबसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्यों में से एक है। देश की उत्तरी सीमा से लेकर गुजरात तक का समूचा सीमावर्ती क्षेत्र कई मायनों में संवेदनशील है। चाहे गुजरात का समुद्री तट हो, कच्छ की सीमा हो, या बनासकांठा की सीमा, इन सभी क्षेत्रों में सुरक्षा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी के शासनकाल में देश की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाने वाली घटनाएं गुजरात की सीमाओं से होकर हुईं। लेकिन जब से उनकी पार्टी का शासन आया और खासकर जब से नरेन्द्र मोदी जी मुख्यमंत्री बने, तब से गुजरात सरकार ने राज्य की सीमाओं को दुश्मनों के लिए अभेद्य बनाने का कार्य किया है।

गृह मंत्री ने कहा कि गुजरात इस बात का सबसे अच्छा उदाहरण है कि यदि सुशासन से प्रेरित नेतृत्व शासन की बागडोर संभाले, तो कितना परिवर्तन संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज गुजरात ने न केवल सीमावर्ती सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि आतंकवाद, नार्कोटिक्स, साइबर अपराध जैसे विभिन्न अपराधों पर भी प्रभावी रूप से अंकुश लगाया है। शाह ने  कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी जी ने जो मार्ग प्रशस्त किया था, उसे वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों ने गुजरात को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 11 वर्षों के कार्यकाल में देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा के लिए न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में यह स्थापित हो चुका है कि भारत की सेना और सीमाओं के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि एक समय था जब विपक्षी पार्टी के शासनकाल में कई वर्षों तक देश के विभिन्न हिस्सों में बम धमाके होते रहते थे, और केन्द्र सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया जाता था। राज्य सरकारों की ओर से की जाने वाली थोड़ी-बहुत कार्रवाई के अलावा और कोई कार्रवाई नहीं होती थी।6.JPG

लेकिन मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब पाकिस्तान ने उरी, पुलवामा और पहलगाम जैसे तीन बड़े हमले करने की गलती की, तो मोदी सरकार ने हर बार पाकिस्तान को करारा सबक सिखाया।

उन्होंने कहा कि पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक, दूसरी बार एयर स्ट्राइक, और जब फिर भी सुधार नहीं हुआ, तो तीसरी बार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सीमा के 100 किलोमीटर अंदर जाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से आतंकवादियों के मुख्यालय को नष्ट किया गया। शाह ने कहा कि भारत ने विश्व भर में यह मजबूत संदेश दिया है कि वह अपनी आत्मरक्षा और नागरिकों व सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाकर कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंकी घटनाओं के मास्टरमाइंड को सबक सिखाया, और पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले तीनों पाकिस्तानी आतंकवादियों को ‘ऑपरेशन महादेव’ के माध्यम से समाप्त कर दिया गया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और गुजरात के गौरवशाली पुत्र नरेन्द्र मोदी जी ने पिछले 11 वर्षों में ‘आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ की नीति को न केवल सिद्धांत, बल्कि वास्तविकता में लागू करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि चाहे देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र हों, नक्सल प्रभावित क्षेत्र हों, या कश्मीर हो, इन तीनों हॉटस्पॉट में आतंकवादियों और हथियारबंद समूहों को सबक सिखाने का काम मोदी सरकार ने किया है। उत्तर-पूर्व में 10,000 से अधिक उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने एक बार फिर विश्वास व्यक्त किया कि मोदी सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

डायल 112 के अंतर्गत जनरक्षक परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह से पहले केन्द्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद में विविध कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने गोता और चाँदलोडिया वार्डों में शहरी स्वास्थ्य केन्द्र का लोकार्पण और राणीप, स्टेडियम एवं घाटलोडिया वार्डों में वृक्षारोपण किया। इसके अलावा, केन्द्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद नगर की कुलदेवी भद्रकाली माताजी के प्राचीन मंदिर में दर्शन एवं पूजन किया और टोरेंट ग्रुप-यूएनएम फाउंडेशन द्वारा पुनर्विकसित ‘सरदार बाग’ का लोकार्पण किया।

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