बीएसएफ एडवांस हाई एल्टीट्यूड अल्पाइन प्रशिक्षण एवं माउंटेनियरिंग अभियान-2025

@ नई दिल्ली :-

हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में चार 6,000 मीटर ऊंची चोटियों पर एडवांस हाई एल्टीट्यूड अल्पाइन प्रशिक्षण और पर्वतारोहण अभियान-2025 का स्वागत समारोह 03 अक्टूबर 2025 को बीएसएफ मुख्यालय, नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि दलजीत सिंह चौधरी, महानिदेशक सीमा सुरक्षा बल ने 06 महिला सदस्यों सहित बीएसएफ पर्वतारोहण दल के अदम्य साहस और दृढ संकल्प की सराहना की।

इस अभियान को 02 अगस्त 2025 को देहरादून स्थित BIAAT से अशोक कुमार, आई.जी. (ट्रेनिंग) बीएसएफ मुख्यालय, द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अभियान में 25 सदस्य जिनमें पर्वतारोही (06 महिला पर्वतारोही सहित), सहयोगी स्टाफ तथा चिकित्सक दल शामिल थे। इस अभियान का नेतृत्व पद्मश्री लवराज सिंह धर्मशक्तू, उप कमाण्डेंट ने किया, जिन्होंने सात बार माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक आरोहित किया है और इस उपलब्धि को प्राप्त करने वाले वह पहले भारतीय हैं ।

बीएसएफ पर्वतारोहियों ने 11 अगस्त 2025 को हिमाचल में माउंट युनम (6,111 मीटर), 16 एवं 17 अगस्त 2025 को माउंट थुग्जे (6,128 मीटर) एवं माउंट थुग्जे ईस्ट (6,080 मीटर), तथा 22 एवं 23 अगस्त 2025 को लद्दाख हिमालय में माउंट मेंटोक (6,250 मीटर) पर सफलतापूर्वक आरोहण किया।

इस अभियान की योजना “बीएसएफ पर्वतारोहियों और प्रशिक्षकों के पर्वतारोहण कौशल और शिक्षण क्षमताओं को बढ़ाने और “स्वच्छ हिमालयः ग्लेशियर बचाओ” अभियान का समर्थन करने के लिए बनाई गई थी।

पर्वतारोहण में बीएसएफ का गौरवशाली इतिहास रहा है और इसकी टीम में एक पद्म और तीन राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार विजेता शामिल हैं। टीम ने 2006 और 2018 में दो बार माउंट एवरेस्ट, 2008 में माउंट कंचनजंगा (तीसरी सबसे ऊँची और सबसे कठिन चोटियों में से एक), 2021 में माउंट ल्होत्से (चौथी सबसे ऊँची), 2023 में माउंट मनास्लु (8,163 मीटर) और इससे पहले 51 अन्य चोटियों पर सफलतापूर्वक चढाई की है।

“स्वच्छ भारत मिशन” के प्रणेता के रूप में, टीम के सदस्यों ने वापसी के दौरान 14,000 फीट से लेकर 20,500 फीट की ऊँचाई वाले ऊँचे शिविरों से लगभग 450 किलोग्राम कचरा एकत्र किया और उसे सड़क के किनारे लाकर उचित निपटान के लिए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA), केलोंग (हिमाचल प्रदेश) में जमा कर दिया। इस अभियान ने न केवल अन्य पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को ग्लोबल वार्मिंग के मुद्दों के प्रति जागरूक करने में पर्यावरणीय पहल को बढ़ावा देने में मदद की, बल्कि “हम फिट तो इंडिया फिट” अभियानों को भी समर्थन दिया।

बीएसएफ महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की, जिसने न केवल बीएसएफ की पर्वतारोहण उत्कृष्टता की गौरवशाली विरासत में एक नया अध्याय जोड़ा, बल्कि “ग्लेशियर बचाओ” अभियान के महत्व को भी रेखांकित किया।

बीएसएफ के महानिदेशक ने बल कर्मियों की शारीरिक फिटनेस के महत्व पर ज़ोर दिया और इच्छा व्यक्त की कि बीएसएफ कर्मियों को विभिन्न खेलों में भाग लेना चाहिए और राष्ट्र तथा बीएसएफ का नाम रौशन करने के लिए उत्कृष्टता प्राप्त करनी चाहिए। बीएसएफ के महानिदेशक ने अभियान के सदस्यों के लिए 5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की और बताया कि विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले बीएसएफ एथलीटों को अत्याधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...