@ उत्तर 24 परगना पश्चिम बंगाल
सीमा सुरक्षा और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए, BSF ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, नदिया एवं मालदा जिले के सीमावर्ती गांवों में ग्राम समन्वय बैठकें आयोजित की।

BSF दक्षिण बंगाल सीमान्त के अंतर्गत, सेक्टर मुख्यालय कृष्णानगर के अंतर्गत भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात , 8वीं,32वीं, 68वीं और adhoc SB-IV बटालियन BSF की सीमा चौकियों तूंगी, फुलबारी, बानपुर, मटियारी, रघुनाथपुर, सतरापारा, कालूपारा, महेंद्रा, रामनगर, पुत्तीखाली, मामाभगिना, गोंगरा तथा सेक्टर मुख्यालय कोलकाता के अंतर्गत 85वीं और 118वीं बटालियन BSF की सीमा चौकियों सोलादाना, कालूतला, बोलतला, साहेबखली एवं सेक्टर मुख्यालय मालदा के अंतर्गत 12वीं और 115वीं बटालियन BSF की सीमा चौकियों बाजितपुर, कुमारपुर, अलीपुर के कंपनी कमांडरों ने अपने-अपने जिम्मेदारी वाले क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, नदिया और मालदा जिलों के सीमावर्ती गांवों में ग्राम समन्वय बैठकें आयोजित कीं। BSF द्वारा आयोजित इन बैठकों में पंचायत प्रधानों, पंचायत सदस्यों के अलावा सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया।

इन बैठकों का उद्देश्य BSF और स्थानीय समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करना है। BSF कंपनी कमांडरों ने बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और सुरक्षा बनाए रखने तथा अवैध गतिविधियों को रोकने में ग्रामीणों के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
अधिकारियों ने बताया कि कैसे स्थानीय निवासी सतर्क रहकर तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देकर सीमा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। चर्चाओं में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर रात के समय सीआरपीसी की धारा 144 के कार्यान्वयन पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
बैठकों के दौरान चर्चा किए गए प्रमुख बिंदुओं में संभावित सुरक्षा उल्लंघनों को रोकने के लिए तटबंध पर अनावश्यक नागरिक आवाजाही पर रोक लगाना शामिल था। BSF ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि रात के समय सीमा क्षेत्र में मछली पकड़ना सख्त वर्जित है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है।
BSF दक्षिण बंगाल सीमान्त के जनसंपर्क अधिकारी श्री ए.के. आर्य, डीआईजी ने कहा कि BSF नियमित रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में ग्रामीणों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करता है। BSF की 08वीं, 12वीं,32वीं,68वीं,85वीं,115वीं,118वीं और adhoc SB-IV बटालियनों द्वारा की गई ये बैठकें सीमा निवासियों के दिलों और दिमागों को जीतने के उनके निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामुदायिक कल्याण के लिए आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने यह भी बताया कि BSF ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है और इसकी रखवाली के अलावा, सीमावर्ती ग्रामीणों को बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में जागरूक भी कर रही है। BSF इन सीमावर्ती गांवों के निवासियों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से उनसे संपर्क कर रही है।
