@ नई दिल्ली :-
भूटान के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योंपो जेम त्शेरिंग ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री पाद नाइक से मुलाकात की। यह बैठक ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रही।

भारत-भूटान जलशक्ति सहयोग की शुरूआत 1961 में हुई जिसके बाद 2006 में जलविद्युत सहयोग के संबंध में समझौता हुआ।
आज की चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने पुनात्सांगचू-द्वितीय जलविद्युत परियोजना (1020 मेगावाट) से व्यावसायिक रूप से सर्वोत्तम स्तर तक बिजली उत्पादन के संबंध में विचार-विमर्श किया। इस दौरान, पुनात्सांगचू-प्रथम जलविद्युत परियोजना (1200 मेगावाट) को शीघ्र चालू किये जाने पर भी बल दिया गया।
इस चर्चा में संकोश जलविद्युत परियोजना के भविष्य के दृष्टिकोण पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, भारत और भूटान ने वर्ष 2040 तक के विद्युत पारेषण अवसंरचना की योजना पर भी चर्चा की जिसके लिए अभी विस्तृत परामर्श प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान, भूटान में विशेष रूप से कम आपूर्ति वाले महीनों के दौरान बिजली आपूर्ति के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
मंत्रियों ने दोनों देशों की आपसी मित्रता की सराहना की और इसे और प्रगाढ़ किये जाने की उम्मीद जताई।

