@ नई दिल्ली :-
भारतीय डाक ने आईटी 2.0 के अंतर्गत अपने डिजिटल परिवर्तन में उन्नत डाक प्रौद्योगिकी (एपीटी) एप्लिकेशन का व्यापक राष्ट्रव्यापी बदलाव किया है। यह बदलाव तेज़, स्मार्ट और ग्राहक-केंद्रित डाक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

शहरी, ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में फैले 1.64 लाख से अधिक डाकघरों में हुए इस परिवर्तन की जटिलता को देखते हुए पहले दिन 4 अगस्त, 2025 को कामकाज धीमी गति से चला। हालांकि, तकनीकी टीम ने चौबीसों घंटे काम किया और 5 अगस्त, 2025 को कामकाज सुचारू रूप से चलने लगा।
विभाग ने इस परिवर्तन की चुनौतियों का अनुमान लगाते हुए परिचालन संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए समर्पित सहायता दल और रीयल-टाइम निगरानी प्रणालियां पहले ही स्थापित कर दी थी। उन्नत डाक प्रौद्योगिकी प्रणाली अब लेनदेन की गति, डिजिटल भुगतान एकीकरण, रीयल-टाइम ट्रैकिंग और समग्र उपयोगकर्ता अनुभव में उल्लेखनीय सुधार ला रही है। 5 अगस्त, 2025 को पूरे देश में इस नई एप्लिकेशन के माध्यम से 20 लाख से अधिक पोस्ट बुक किए गए और 25 लाख से अधिक पोस्ट वितरित किए गए।
भारतीय डाक विभाग निर्बाध सार्वजनिक सेवा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विभाग कार्य-निष्पादन पर कड़ी नज़र रख रहा है। सुचारू एवं कुशल परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए विभाग सभी आवश्यक उपाय कर रहा है। इस महत्वपूर्ण डिजिटल उन्नयन के दौरान नागरिकों के धैर्य और सहयोग के लिए भी विभाग उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता है।
