भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय रबर सामग्री अनुसंधान संस्थान का एमओयू पर हस्ताक्षर

@ नई दिल्ली :-

भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय रबर सामग्री अनुसंधान संस्थान, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DPIIT के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है, ने विशेष समुद्री रबर और मिश्रित उत्पादों के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सहयोग हेतु 5 अगस्त 2025 को तटरक्षक मुख्यालय, नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौता ज्ञापन पर भारतीय तटरक्षक बल के आईजी सुधीर साहनी, टीएम, डीडीजी (सामग्री एवं रखरखाव) और IRMRI के निदेशक डॉ. के. राजकुमार ने DPIIT के संयुक्त सचिव श्री संजीव की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

तटरक्षक प्लेटफार्मों पर प्रयुक्त समुद्री उपकरणों/प्रणालियों के लिए विशेष रबर उत्पादों का स्वदेशी प्रोटोटाइप विकास, सामग्री विश्लेषण और परीक्षण इस समझौता ज्ञापन के प्रमुख उद्देश्य हैं।

IRMRI, वर्तमान में आयातित रबर सामग्री के पुर्जों के विकास की व्यवहार्यता तलाशने के लिए ICG के साथ मिलकर काम करेगा। इसके अलावा, IRMRI की मौजूदा सुविधाओं का उपयोग प्रमाणन एजेंसी के रूप में ICG के लिए भारतीय उद्योगों द्वारा निर्मित रबर घटकों/उत्पादों के सामग्री विश्लेषण/परीक्षण के लिए किया जाएगा।

ICG,IRMRI को रबर उत्पादों के स्वदेशीकरण के लिए समस्या विवरण प्रदान करेगा और IRMRI, IRMRI द्वारा प्रवर्तित इनक्यूबेशन केंद्र, एराइज़ द्वारा इनक्यूबेट किए गए स्टार्टअप/एमएसएमई सहित भारतीय विक्रेताओं का विकास करेगा।

भारतीय तटरक्षक बल और IRMRI के बीच समझौता ज्ञापन एक महत्वपूर्ण कदम है जो विशिष्ट डोमेन क्षेत्र अर्थात रबर सामग्री में स्वदेशी समाधान विकसित करते हुए राष्ट्र निर्माण के लिए साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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