@ नई दिल्ली :-
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने 10 नवंबर, 2025 को गांधीनगर, गुजरात में 23वीं राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव बोर्ड की बैठक आयोजित की। बैठक में भारत के समग्र खोज और बचाव ढांचे को मजबूत करने के लिए हितधारकों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। संचालन संबंधी दक्षता और समुद्री सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी और आधुनिक संचार प्रणालियों का लाभ उठाने के बारे में भी चर्चा हुई।

बैठक के दौरान वर्ष 2023-24 के लिए राष्ट्रीय एसएआर पुरस्कार भी प्रदान किए गए। ये पुरस्कार निम्नलिखित हैं:
- एमवी हे युआन शुन 89, पनामा ध्वज वाले पोत को मर्चेंट वेसल श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ।
- भारतीय फिशिंग बोट केदारनाथ भोले को मछली पकड़ने वाली नाव श्रेणी में पुरस्कृत किया गया
- आईसीजी जहाज राजवीर को सरकारी स्वामित्व वाली एसएआर इकाई श्रेणी के लिए पुरस्कार मिला
- वेसल ट्रैफिक सिस्टम (वीटीएस), मुंबई पोत प्राधिकरण और जवाहरलाल नेहरू पोत प्राधिकरण (जेएनपीए) को संयुक्त रूप से तटवर्ती इकाई श्रेणी में सम्मानित किया गया।
भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक और एनएमएसएआर बोर्ड के अध्यक्ष महानिदेशक एस. परमेश ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने समुद्र में जीवन की सुरक्षा के लिए आईसीजी के सामूहिक संकल्प की पुष्टि की और भारत की समुद्री सुरक्षा संरचना की आधारशिला के रूप में कुशल एसएआर संचालन के महत्व के बारे में बताया।

बैठक में भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, इसरो, आईएनसीओआईएस, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और नौवहन महानिदेशालय सहित प्रमुख समुद्री और विमानन हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद सत्रों और प्रस्तुतियों ने विचारों और सर्वोत्तम प्रणालियों के आदान-प्रदान को सुगम बनाया, जिससे अधिक सुरक्षित और संरक्षित समुद्री संचालन सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।

