@ पटना बिहार
बिहार एक झलक में, बिहार की प्रमुख खबरे :-
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के विद्युत भवन में बिहार स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों में नवचयनित 2390 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इसमें 1810 तकनीशियन, 512 पत्राचार लिपिक और 68 भंडार सहायक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने तीन अभ्यर्थियों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया और सभी को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि युवाओं से उम्मीद है कि वे पूरी मेहनत और लगन से काम करेंगे और बिहार को आगे बढ़ाएंगे। वर्ष 2005 से 2020 के बीच 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। सात निश्चय-2 के तहत अब तक कुल 50 लाख नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं और अगले पांच वर्ष में एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध करायेंगे। सरकार इस पर तेजी से काम कर रही है।

नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सात निश्चय 3 को मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है और बीते 20 वर्षों में सभी वर्गों और क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। सात निश्चय-3 के प्रभावी क्रियान्वयन से “विकसित बिहार” का सपना साकार होगा और राज्य के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी। उन्होने कहा कि नई कैबिनेट बैठक में युवाओं के लिए रोजगार, उद्योग-धंधों को बढ़ावा और सामुदायिक कल्याण जैसे कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर भी विचार हुआ है, जो आने वाले समय में राज्य के विकास की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ कार्यालय में अपने एक माह के वेतन का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के प्रभारी अधिकारी-सह-मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार को सौंपा। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों और समाज के समृद्ध लोगों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी मुख्यमंत्री राहत कोष में अधिक से अधिक दान करें, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों की मदद की जा सके।

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेन्द्र मेहता की अध्यक्षता में पटना में बिहार एक्वाकल्चर इंप्रूवमेंट प्रोग्राम एवं बिहार डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार के मत्स्य और डेयरी क्षेत्रों में सतत आय के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही इससे पोषण सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार को आधुनिक कृषि क्षेत्रों में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक में 30 से अधिक विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसियों को कहा कि वे कार्यों में एसओपी के अनुसार सुरक्षा मानकों का पालन करें और सभी पदाधिकारी आपस में समन्वय कर परियोजनाओं में तेजी लाएं।

सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोलियो मुक्त समाज के निर्माण में यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएँ।

सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने शेष 6 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन एजेंसियों द्वारा कार्य में प्रगति नहीं की गई है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मधुबनी के उप विकास आयुक्त सुमन प्रसाद साह की अध्यक्षता में बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने पोषाहार का वितरण समय पर और पारदर्शिता के साथ करने तथा बच्चों की मासिक ऊंचाई और वजन पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए। उप विकास आयुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय और पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि वे स्वयं क्षेत्र भ्रमण के दौरान निरीक्षण करेंगे और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।