@ पटना बिहार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बापू सभागार में राज्य के 211 नवसृजित डिग्री महाविद्यालयों में नियुक्त 2,451 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उच्च शिक्षा के व्यापक विस्तार से बिहार के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके भविष्य को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नए उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें।
उन्होंने राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को NEET और JEE की तैयारी के लिए कोचिंग, लाइव क्लास और 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा में वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के 100 प्राध्यापकों को ऑक्सफोर्ड सहित विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाना है, ताकि राज्य के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
