@ नई दिल्ली :-
देशभर के वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। अब FASTag का वार्षिक शुल्क बढ़ा दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान को डिजिटल और आसान बनाने के लिए लागू की गई इस प्रणाली के रिन्यूअल शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, जिससे वाहन मालिकों की जेब पर थोड़ा अतिरिक्त भार पड़ेगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बताया कि FASTag की वार्षिक मेंटेनेंस या रिन्यूअल फीस में करीब 50 से 100 रुपये तक की वृद्धि की गई है। यह बढ़ी हुई दरें अब लागू हो चुकी हैं और नए रिन्यूअल के समय वाहन मालिकों को इन्हीं दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।
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पहले FASTag एनुअल पास की कीमत: ₹3000
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नई कीमत: ₹3075
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यानी कुल ₹75 की बढ़ोतरी की गई है।
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नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
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यह पास निजी (non-commercial) वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए होता है।
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एक बार भुगतान करने पर 1 साल तक या 200 टोल पार करने तक मान्य रहता है (जो पहले पूरा हो)
FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जिसे वाहनों के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। जब वाहन टोल प्लाज़ा से गुजरता है तो सेंसर के माध्यम से टोल राशि सीधे FASTag से जुड़े बैंक खाते या वॉलेट से कट जाती है। इससे टोल प्लाज़ा पर लंबी कतारों से बचाव होता है और समय की भी काफी बचत होती है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार इस शुल्क वृद्धि का उद्देश्य सिस्टम के रखरखाव, तकनीकी सुधार और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। हालांकि कुछ वाहन मालिकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह अतिरिक्त खर्च उनके बजट को प्रभावित कर सकता है।
गौरतलब है कि सरकार ने देशभर के अधिकांश राष्ट्रीय राजमार्गों पर FASTag को अनिवार्य कर दिया है। इसके बिना टोल प्लाज़ा से गुजरने वाले वाहनों से दोगुना टोल वसूला जाता है। ऐसे में वाहन मालिकों के लिए FASTag का इस्तेमाल करना लगभग जरूरी हो गया है।
