@ बालोतरा राजस्थान :-
बालोतरा जिले की बायतू विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गिड़ा मुख्यालय पर शनिवार को नवनिर्मित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (बीसीएमओ) कार्यालय भवन का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने फीता काटकर नवनिर्मित भवन का उद्घाटन कर पट्टिका का अनावरण किया।

आमजन को मिलेगी सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं—
प्रभारी मंत्री श्री कुमावत ने बताया कि वर्ष-2023 में गिड़ा में नया बीसीएमओ मंजूर हुआ था। प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए बीसीएमओ कार्यालय का अस्थाई संचालन यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो रहा था।
अब गिड़ा में करीब 1.10 करोड़ रुपए की लागत से नया बीसीएमओ कार्यालय भवन बनने से अब ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारियों और प्रशासनिक स्टाफ को काम करने के लिए बेहतरीन माहौल मिलेगा। इसके चालू होने से क्षेत्र के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो सकेगी, जिससे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सीधे और त्वरित रूप से आम जनता तक पहुंचेगा। आपको बता दें इस बीसीएमओ कार्यालय के अधीन दो सीएचसी, 8 पीएचसी व 43 सब सेंटर संचालित हो रहे हैं।
सिमाणियों की ढाणी व जगराम की ढाणी के नवनिर्मित सब सेंटर्स का लोकार्पण
जिला प्रभारी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने वर्ष-2023 में स्वीकृत हुए सिमाणियों की ढाणी व जगराम की ढाणी में निर्मित हुए स्वास्थ्य उप केंद्रों के नए भवनों का लोकार्पण भी किया। बीसीएमओ डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि इन दोनों सब सेंटर्स पर 55-55 लाख रुपए की लागत आई है। पिछले करीब तीन वर्ष से ये दोनों सेंटर्स का संचालित इन गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों में हो रहा था।
हर गांव-ढाणी तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना हमारा संकल्प : मंत्री कुमावत
लोकार्पण के पश्चात संबोधित करते हुए जिला प्रभारी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बेहतर, आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। गिड़ा में इस नवनिर्मित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के शुरू होने से पूरे बायतू और गिड़ा क्षेत्र के चिकित्सा ढांचे को एक नया बल मिलेगा। अब स्थानीय स्तर पर ही स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर मॉनिटरिंग और सुव्यवस्थित संचालन संभव हो सकेगा। हमारी सरकार चिकित्सा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी यह कोशिश रहेगी कि ग्रामीणों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज या प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें सारी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हों।
