@ बेंगलुरु कर्नाटक :-
ग्लोबल सर्च एंड रेस्क्यू डे 2026 के अवसर पर बेंगलुरु स्थित इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (ISTRAC) और इंडियन नेशनल मिशन कंट्रोल सेंटर (INMCC) में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), सशस्त्र बलों तथा देश के प्रमुख खोज एवं बचाव (Search and Rescue) हितधारकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि, AVSM, PTM, TM मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने समुद्र में संकटग्रस्त लोगों की जान बचाने और प्रभावी खोज एवं बचाव अभियान संचालित करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
ग्लोबल सर्च एंड रेस्क्यू डे का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के माध्यम से संकट में फंसे लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के महत्व को उजागर करना है। भारत में समुद्री खोज एवं बचाव व्यवस्था में अंतरिक्ष आधारित तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
COSPAS-SARSAT प्रणाली के माध्यम से संकट संकेतों की पहचान की जाती है। इसके बाद ये अलर्ट इंडियन नेशनल मिशन कंट्रोल सेंटर तक पहुंचते हैं, जहां से संबंधित रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर और मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जाती है। इसके आधार पर बचाव एजेंसियां संकटग्रस्त व्यक्ति या पोत तक पहुंचने के लिए कार्रवाई करती हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में उपग्रह तकनीक, अत्याधुनिक संचार प्रणाली, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय एक साथ काम करते हैं। यह व्यवस्था तकनीक और मानवीय प्रतिक्रिया को जोड़कर एक प्रभावी जीवनरक्षक श्रृंखला तैयार करती है।
कार्यक्रम ने भारत की समुद्री सुरक्षा और खोज एवं बचाव क्षमताओं को मजबूत करने में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा अंतर-एजेंसी सहयोग की अहमियत को सामने रखा।


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