@ गांधीनगर गुजरात :-
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को गांधीनगर स्थित लोकभवन में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेकर गुजरात का नाम रोशन करने वाले एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) के कैडेटों का सम्मान किया।

नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) 2026 में राज्य का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व करने के बाद गुजरात एनसीसी गणतंत्र दिवस टुकड़ी 20 जनवरी को अहमदाबाद लौटी है। इस टुकड़ी ने शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों में हिस्सालिया और अनुशासन, प्रशिक्षण और प्रदर्शन के उच्चतम स्तर को बनाए रखा, जिससे गुजरात को गौरव और सम्मान मिला।
भूपेंद्र पटेल ने एनसीसी कैडेटों को प्रेरणा देते हुए कहा कि एनसीसी केवल एक संस्था नहीं है, बल्कि एकता और अनुशासन के साथ आदर्श जीवन शैली सिखाने वाली पाठशाला है। अनुशासन के बिना व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता और अनुशासन के बिना राष्ट्र भी प्रगति नहीं कर सकता। समारोह में मुख्यमंत्री ने 9 कैडेटों को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किए और कैडेट जर्नल-2026 का विमोचन किया। इसके अलावा, हर वर्ष आयोजित होने वाली एनसीसी की विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए इस वर्ष गुजरात का इंटर ग्रुप चैम्पियनशिप बैनर एनसीसी राजकोट को दिया गया।
मुख्यमंत्री ने मेडल और सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले सभी कैडेटों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बचपन से ही एकता और अनुशासन का पाठ सीखा है, इसमें एनसीसी का योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीसी एक ऐसा संगठन है जो देश के युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ सशक्त बनाता है। प्रधानमंत्री भी ऐसे ही सेवा और समर्पण भाव से देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि एनसीसी कैडेटों ने न केवल परेड ग्राउंड में, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी जिम्मेदारी निभाई है। आपदा के समय सहायता, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और रक्तदान जैसे क्षेत्रों में एनसीसी की भूमिका प्रशंसनीय है। एनसीसी कैडेट्स अपने व्यवहार, यूनिफॉर्म, समयपालन और कर्तव्य के प्रति निष्ठा के माध्यम से समाज को अनुशासन का उत्तम परिचय देते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एनसीसी प्रधानमंत्री के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के मंत्र को चरितार्थ करती है। जब देश भर से आए युवा एक साथ प्रशिक्षण लेते हैं, ड्रिल करते हैं और राष्ट्रीय ध्वज के नीचे खड़े रहते हैं, तब यह भाव और मजबूत होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के एनसीसी कैडेटों ने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर निकली परेड, गार्ड ऑफ ऑनर, प्रधानमंत्री रैली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राज्य का नाम ऊंचा किया है। इन उपलब्धियों के मूल में केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि अविरत अनुशासन, टीम वर्क और एकता शामिल है। एनसीसी केवल यह सिखाने वाली संस्था नहीं है कि कूच (परेड) कैसे करें, बल्कि जब कैडेट्स लेफ्ट-राइट के आदेश के साथ कदम मिलाते हैं, तब सभी को साथ लेकर एकता और अनुशासन का उदाहरण पेश करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष गुजरात के एनसीसी कैडेट्स गणतंत्र दिवस की परेड में अपनी भूमिका को मजबूत बना रहे हैं। हाल के वर्षों में देश में एनसीसी कैडेटों की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो गई है, यह भी गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि एनसीसी से सीखे अनुशासन, नेतृत्व, समर्पण और देशप्रेम के मूल्य पूरे जीवन आपका मार्गदर्शन करेंगे।
एनसीसी गुजरात निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मेजर जनरल बिमल मोंगा ने राज्य में एनसीसी की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने एनसीसी की गतिविधियों के दायरे के विस्तार के लिए राज्य सरकार के सहयोग की प्रशंसा कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जामनगर, विद्यानगर और अहमदाबाद एनसीसी मुख्यालय के ब्रिगेडियर और एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहे।
