गुजरात ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की

@ गांधीनगर गुजरात :-

गुजरात ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में पिछले चार वर्षों के दौरान बड़े स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया, जिसके तहत तीन करोड़ से अधिक वयस्कों की जांच की गई। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने विश्व कैंसर दिवस से पहले साझा की।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 30 वर्ष से अधिक उम्र के तीन करोड़ से ज्यादा लोगों की ओरल कैंसर की जांच की गई। इसके अलावा, 1.6 करोड़ से अधिक महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग और 82 लाख से ज्यादा महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जांच की गई।

विश्व कैंसर दिवस हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके खिलाफ कार्रवाई को प्रोत्साहित करना है। इस वर्ष की थीम ‘United by Unique’ है, जो यह दर्शाती है कि कैंसर से जूझ रहे हर व्यक्ति का अनुभव अलग होता है और इलाज में व्यक्ति-केंद्रित दृष्टिकोण जरूरी है।

National Cancer Institute के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में 14 लाख से अधिक कैंसर के मामले सामने आए। वहीं, वैश्विक स्तर पर हर साल करीब एक करोड़ लोगों की मौत कैंसर के कारण होती है, जिससे समय पर जांच और इलाज की अहमियत और बढ़ जाती है।

गुजरात में भी कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। ICMR–National Centre for Disease Informatics and Research के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हर नौ में से एक पुरुष और हर 12 में से एक महिला को जीवनकाल में कैंसर होने का खतरा रहता है।

पुरुषों में तंबाकू से जुड़े कैंसर अधिक पाए जाते हैं, जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामले ज्यादा सामने आते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, जीवनशैली, पर्यावरण और आनुवंशिक कारण कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे प्रमुख वजहें हैं।

राज्य सरकार का कहना है कि इस व्यापक स्क्रीनिंग अभियान से संदिग्ध मामलों की शुरुआती चरण में पहचान संभव हो सकी है, जिससे मरीजों को समय पर रेफर कर इलाज दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नियमित जांच और समय पर निदान कैंसर से होने वाली मौतों को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कैंसर की रोकथाम और नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें तंबाकू छोड़ने के कार्यक्रम, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को बढ़ावा देना, टीकाकरण और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान शामिल हैं।

स्वास्थ्य प्रणाली में मानव संसाधनों को मजबूत करने के लिए सरकार ने Gujarat Cancer and Research Institute के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत ‘Training of Trainers’ कार्यक्रम लागू किया गया है, जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, डेंटिस्ट, सामुदायिक चिकित्सा विशेषज्ञ और मेडिकल अधिकारी मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किए जा रहे हैं।

इन प्रशिक्षकों की मदद से राज्य भर में 37,000 से अधिक फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है, जिससे कैंसर स्क्रीनिंग और रेफरल सेवाओं को और मजबूत किया जा सके। ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच सब-हेल्थ सेंटर से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक की जा रही है।

इसके अलावा जिला अस्पतालों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि मरीजों को उनके घर के पास ही इलाज मिल सके। गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट और उसके सैटेलाइट केंद्र ओपीडी सेवाएं, जांच, सर्जरी, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।

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