@ गांधीनगर गुजरात :-
गुजरात पुलिस ने सरकारी कार्यालयों को बम धमकी वाले फर्जी ईमेल भेजने वाले एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच के दौरान पुलिस को 5,13,847 फर्जी जीमेल अकाउंट और उनके पासवर्ड मिले हैं। इन अकाउंट का इस्तेमाल कथित तौर पर वर्ष 2022 से किया जा रहा था। मामले की जांच के तहत पुलिस अब गूगल से भी पूछताछ करने की तैयारी में है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में फर्जी जीमेल अकाउंट बनाने और संचालित करने में आरोपियों ने गूगल की सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह दरकिनार किया। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ साइबर क्राइम अधिकारी विवेक भेड़ा के अनुसार, फर्जी Gmail अकाउंट की संख्या असाधारण रूप से बड़ी है। पुलिस गूगल को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के उपायों पर चर्चा करेगी।
BRICS Summit से पहले मिली थी धमकी
जांच की शुरुआत 10 सितंबर को गुजरात सरकार को मिले एक बम धमकी वाले ईमेल के बाद हुई। यह ईमेल नई दिल्ली में BRICS Summit से कुछ दिन पहले भेजा गया था। जांच में धमकी फर्जी पाई गई।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक के संपर्क में बांग्लादेश का एक खरीदार भी था, जिसने फर्जी जीमेल अकाउंट के कई बैच खरीदे थे। इन अकाउंट का इस्तेमाल धमकी और अन्य फर्जी ईमेल भेजने के लिए किया गया। भुगतान का कुछ हिस्सा कथित तौर पर क्रिप्टो करेंसी के जरिए किया गया।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी अकाउंट में 2FA जैसी सुरक्षा सुविधाएं सक्रिय होने के बावजूद नेटवर्क इतनी बड़ी संख्या में अकाउंट कैसे संचालित कर पाया। गूगल की ओर से मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कंपनी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या जुर्माना होगा या नहीं।
