@ जयपुर राजस्थान :-
पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में गोधाम विकसित करने का निर्णय लिया है जो एक ऐतिहासिक कदम है और हम सभी गोमाता सेवकों के लिए बड़ी खुशी का समाचार है।

कुमावत ने ड़ीग जिले में स्थित जड़खोर गोधाम में आयोजित नवरात्र गो आराधन महोत्सव में कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय का अद्भुत महत्व है, हमारे दिलों में गोमाता का दर्जा राष्ट्र माता का है। गाय के पंचगव्यों की पूरे विश्व में महता है। ऐसे में यदि इसे सम्पूर्ण विश्व की माता कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। डीग स्थित जड़खोर गोधाम में शारदीय नवरात्र के उपलक्ष में आयोजित कृष्ण बलराम गो-आराधन महोत्सव में गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा की सनातन संस्कृति मानव कल्याण की बात करती है।
पत्थर नदी, वृक्ष आदि का पूजन करती है और गाय के पूजन का विशेष महत्व है। सनातन के विरुद्ध दुष्प्रचार करने वालों पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा की कुछ लोग सनातन को बदनाम करते हैं, बीमारी की संज्ञा देते हैं और मिटाने की साजिश करते हैं। उन्होंने पूर्व की कई सरकारों द्वारा गो कल्याण के प्रति उदासीन होने का उलाहना देते हुए वर्तमान सरकार द्वारा गो कल्याण के प्रयासों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा गाय के प्रति आस्था का उल्लेख करते हुए कुमावत ने कहा की प्रदेश सरकार ने गोशालाओं का अनुदान बढ़ाया और हर पंचायत स्तर पर गोशाला विकसित करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा की सनातन संस्कृति के क्षय से घर परिवार में बिखराव बढ़ता है। उन्होंने गाय सनातन के संरक्षण के लिए जड़खोर गोधाम और स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज की सराहना की।
गौरतलब है कि जड़खोर गोधाम में इस नवरात्र गो आराधन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें नित्य मद्भागवत का पाठ और सहस्त्र चंडी यज्ञ के साथ अनेक धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
