@ बेंगलुरु कर्नाटक :-
राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) ने धर्मस्थल मंजुनाथेश्वर आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल में 23 से 24 फरवरी 2026 तक कायचिकित्सा पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया।

उद्घाटन समारोह में डॉ. वंदना सिरोहा, निदेशक, आरएवी; प्रो. प्रसन्ना नरसिम्हा राव, निदेशक, एसडीएम आयुर्वेद संस्थान, एसडीएम एजुकेशनल सोसाइटी, उजिरे; डॉ. शैलजा उप्पिनाकुदुरू, प्रिंसिपल, एसडीएम कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल, हसन और डॉ. बीजी गोपीनाथ, पूर्व प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, कायाचिकित्सा विभाग, सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, मैसूरु और पूर्व डीन, श्री आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु सहित कई विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शैक्षणिक सत्रों को इस क्षेत्र के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा संबोधित किया गया, जिनमें एसडीएम आयुर्वेद कॉलेज और अस्पताल, हसन के कायाचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. तोताद मुत्तप्पा; जेएसएस आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, मैसूरु की कायाचिकित्सा की प्रोफेसर डॉ. वीणा जी. राव; और मगनभाई अदेनवाला महागुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति वैद्य एस.एन. गुप्ता शामिल थे।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सकों के कायाचिकित्सा क्षेत्र में नैदानिक ज्ञान को सुदृढ़ करना और उनकी शैक्षणिक एवं व्यावहारिक दक्षताओं को बढ़ाना था। प्रतिभागियों ने समकालीन नैदानिक अनुप्रयोगों और आयुर्वेदिक आंतरिक चिकित्सा में हुई प्रगति पर केंद्रित संवादमूलक चर्चाओं और विशेषज्ञ-नेतृत्व वाले सत्रों में भाग लिया।



