@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-
उत्तराखंड में पंचायती की सरगर्मी तेज हो गयी है। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत पद पर महासंग्राम होता दिख रहा है। इस बार विकास खंड द्वारीखाल की जिला पंचायत कुल्हाड की सीट हाट सीट बनी हुयी है।

इस बार यहाँ से विकास के भामाशाह निवर्तमान प्रमुख महेन्द्र राणा ने चुनाव लड रहे हैं। जबसे उन्होने विकास खंड द्वारीखाल में प्रमुख पद सँभाला तो उन्होने विकास की नयी इबारत लिख डाली। कभी अपना अस्तित्व खो चुका विकास खंड को राज्य मे नयी पहचान दिलायी। कभी जर्जर भवन में चल रहा विकास खंड आज सभी सुविधा से सुसज्जित भवन के रुप में तब्दील हो गया है।
आज विकास खंड द्वारीखाल की सर्वागीण विकास कर अपनी योग्यता की पहचान करायी। उन्के उतकृष्ट कार्यो ने उन्हें तीन बार पंडित दीन दयाल उपाध्याय पंचायती राज पुरस्कार से नवाजा गया।
कुल्हाड जिला पंचायत से उन्की राजनैतिक सियासी पैनी धार उन्की राजनीति कौशलता को दिखाती है युवाओ, महिलाओं,पर उन्की पकड बहुत मजबूत है सामाजिक कार्यो में सक्रियता और क्षेत्र में लोकप्रियता उनकी सबसे बड़ी ताकत है। कभी समाज का अन्तिम व्यक्ति अपनी आवाज नहीं उठा पाता था उनके कार्यकाल में उन्होने गरीब से गरीब व्यक्ति से सीधे संवाद कर उनके अधिकार दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं यही उनकी लोकप्रियता का मजबूत संतम्भ रहा है।

जनवादी व्यक्तितव सभी वर्गो को साथ लेने विकास के भामाशाह महेन्द्र राणा हर वर्ग के प्रिय है इसलिए इस सीट से हर कोई अपना आशीर्वाद देने को तैयार हैं।

