@ लख़नऊ उत्तरप्रदेश :-
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने “कौशल महोत्सव – लखनऊ 2025” के तीसरे संस्करण 16 और 17 सितंबर को कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज ग्राउंड, लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री जयन्त चौधरी और उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इस वर्ष का कौशल महोत्सव 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों और संस्थाओं को एक साथ लाएगा, जो 20 से अधिक सेक्टरों में अवसर प्रदान करेंगी, जिनमें ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग- वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई), स्वास्थ्य सेवा, एयरोस्पेस और ग्रीन जॉब्स शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 35,000 से अधिक अवसर पहचाने गए हैं, जिनमें से केवल लखनऊ के लिए 7,500 से अधिक नौकरियां और अपरेंटिसशिप हैं। इस आयोजन में विशेष रूप से अपरेंटिसशिप पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जहां आईटीआई पास, डिप्लोमा धारक और ग्रेजुएट के लिए 6,900 से अधिक पद उपलब्ध हैं।
कई प्रमुख रक्षा क्षेत्र की केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (सीपीएसयू) इस आयोजन में भाग लेंगी, जिनमें बीएचईएल, बीईएल, एचएएल, बीईएमएल, कंट्रोलर जनरल ऑफ़ डिफेंस अकाउंट्स, हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, मज़गाँव डॉक शिपयार्ड बिल्डर्स शामिल हैं। इससे उद्योग जगत के साथ मजबूत जुड़ाव सुनिश्चित होगा और कार्यक्रम के दौराम बड़े पैमाने पर भर्ती के अवसर उपलब्ध होंगे। लखनऊ कौशल महोत्सव 2025 युवाओं के लिए कई विशेष आकर्षण लेकर आ रहा है। इसमें डिजिटल स्किलिंग और अपरेंटिसशिप के अवसर, विभिन्न करियर और स्किल कोर्स की पूरी जानकारी, तथा इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, इंटरैक्टिव स्किल जोन की प्रदर्शनी भी होगी, जहां प्रतिभागी नई तकनीकों का अनुभव कर सकेंगे और भविष्य के उन्नत करियर अवसरों के बारे में जान पाएंगे।
उत्तर प्रदेश ने नेशनल अपरेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत 2018-19 से अब तक 3.21 लाख से अधिक युवाओं को अपरेंटिसशिप प्रदान करके उल्लेखनीय प्रगति की है, और यह महोत्सव उसी गति को और आगे बढ़ाता है। हमारा साझा मिशन स्पष्ट है: 2047 तक भारत को विश्व की कौशल राजधानी बनाना।”
यहां उपलब्ध सैलरी पैकेज ₹13,000 से ₹20,000 प्रति माह के बीच होंगे, जबकि कई अवसर ₹20,000 से ₹25,000 या उससे अधिक के पैकेज के साथ भी उपलब्ध होंगे। इससे उम्मीदवार अपनी कौशल क्षमता और आकांक्षाओं के अनुरूप अवसरों का चयन कर सकेंगे। वर्ष 2018-19 से अगस्त 2025 के बीच राज्य के 3.21 लाख से अधिक युवाओं को अपरेंटिसशिप के अवसरों का लाभ मिला है, जिसमें केवल वर्तमान वित्तीय वर्ष में 41,940 से अधिक अपरेंटिस नियुक्त किए गए हैं।
यह आयोजन राज्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप होगा, जैसे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी), लेदर, टेक्सटाइल और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे एमएसएमई क्लस्टर, तथा सेमीकंडक्टर्स, एयरोस्पेस और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब्स में हो रहे नए निवेश। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, कानपुर जैसी पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे राज्य को दक्ष प्रतिभा के लिए एक अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों से कौशल महोत्सव रोज़गार के अवसरों के लिए एक सशक्त मॉडल के रूप में उभरा है। इसे एक राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को प्रमुख नियोक्ताओं से जोड़ना, अपरेंटिसशिप के अवसर बढ़ाना, और नए युग के सेक्टरों में उभरते करियर को प्रदर्शित करना है। यह महोत्सव केवल एक रोज़गार मेले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कौशल, आकांक्षाओं और अवसरों का उत्सव है, जो सीधे तौर पर विकसित भारत @2047 की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देता है।
