@ नोएडा उत्तरप्रदेश :-
नई दिल्ली से सटे नोएडा में इन दिनों उत्तराखंड की संस्कृति पूरे शबाब पर है। नोएडा स्टेडियम में आयोजित उत्तराखंड महाकौथिग मेला बीते पांच दिनों से जनसैलाब को अपनी ओर खींच रहा है। 25 दिसंबर तक चलने वाले इस मेले में हर दिन हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और पहाड़ की परंपरा, लोककला व खानपान का आनंद ले रहे हैं।

मेले की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं इसमें शिरकत कर आयोजन की सराहना की। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के भी पहुंचने की संभावना थी, हालांकि उनका कार्यक्रम बाद में स्थगित कर दिया गया।
महाकौथिग का आयोजन पर्वतीय सांस्कृतिक संस्थान द्वारा किया जाता है, जिसके लगभग 200 सदस्य सालभर इसकी रूपरेखा तैयार करने में जुटे रहते हैं। हर वर्ष संस्था की ओर से अध्यक्ष नियुक्त कर आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। दिसंबर में लगने वाले इस मेले की तैयारियां जून माह से ही शुरू हो जाती हैं, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उत्तराखंडी समाज की अहम भूमिका रहती है।
एक सप्ताह तक चलने वाले महाकौथिग में उत्तराखंड के 150 से अधिक प्रसिद्ध लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध रहे हैं। बच्चों से लेकर वरिष्ठ कलाकारों तक की सहभागिता ने मंच को जीवंत बना दिया है। मनोरंजन के लिए झूले, पारंपरिक खेल और रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को खूब लुभा रहे हैं।

मेले में उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषण, वस्त्र और पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां न सिर्फ लोग पहाड़ की संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कई परिवारों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
आयोजन से जुड़ी कल्पना चौहान बताती हैं कि रोजगार की तलाश में उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली-एनसीआर में बस गए हैं। पहाड़ों में लगने वाले पारंपरिक कौथिग की कमी उन्हें खलती थी, इसी भावना से महानगर में महाकौथिग की नींव रखी गई। करीब डेढ़ दशक पहले शुरू हुआ यह छोटा प्रयास आज एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुका है।
महाकौथिग की खास बात यह है कि यहां केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले विभिन्न राज्यों के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पहाड़ी जायकों, लोकसंगीत और रंगीन संस्कृति का यह संगम नोएडा को इन दिनों सचमुच “मिनी उत्तराखंड” बना रहा है।
