@ विशाखापत्तनम आंध्रा प्रदेश :-
एनडब्ल्यूडब्ल्यूए (ईआर) के तत्वावधान में टीम जागृति ने शिक्षकों के लिए “कक्षाओं में भावनात्मक बुद्धिमत्ता: प्रभावी शिक्षण रणनीतियों का प्रभाव” विषय पर दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को भावनात्मक समझ, सहानुभूति और प्रभावी शिक्षण रणनीतियों के माध्यम से सकारात्मक कक्षा वातावरण तैयार करने के लिए सक्षम बनाना था।

कार्यक्रम का संचालन बीआईटीएस पिलानी की अंग्रेजी की प्रोफेसर एवं अतिथि संकाय सदस्य तथा अंतरराष्ट्रीय अकादमिक और परीक्षक डॉ. आई.एस.वी. मंजुला ने किया। कार्यक्रम का आयोजन 10 और 19 सितंबर 2026 को दो सत्रों में किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनसीएस विशाखापत्तनम की विभिन्न शाखाओं के कुल 262 शिक्षक शामिल हुए। इनमें 104 माध्यमिक स्तर के टीजीटी और पीजीटी शिक्षक तथा 158 प्राथमिक और किंडरगार्टन शिक्षक शामिल रहे।
इंटरैक्टिव सत्रों के दौरान शिक्षकों को विद्यार्थियों की भावनात्मक जरूरतों को समझने और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से शिक्षण करने के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में सकारात्मक कक्षा वातावरण विकसित करने, कार्यस्थल पर तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने और कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने पर भी चर्चा की गई।


कार्यक्रम में शिक्षकों को अपने शिक्षण में अधिक जागरूकता और संवेदनशीलता अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आयोजकों के अनुसार, भावनात्मक बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और कक्षा के वातावरण को अधिक सकारात्मक बनाने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम ने शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत कल्याण और संतुलित जीवनशैली के महत्व को भी रेखांकित किया।

