@ नई दिल्ली :-
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पेट्रोलियम पाइपलाइन से ईंधन चोरी करने वाले दो वांछित अपराधियों को पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी इलाके से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों पर कुल 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों आरोपी राजस्थान समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों में फरार चल रहे थे।

पुलिस उपायुक्त (क्राइम) हर्ष इंदौरा ने बताया कि आरोपियों की पहचान 55 वर्षीय स्वर्ण सिंह और उसके रिश्तेदार 50 वर्षीय धर्मेंद्र उर्फ रिंकू के रूप में हुई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। स्वर्ण सिंह पर कुल 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसके खिलाफ पहला मामला वर्ष 1992 में दिल्ली एयरपोर्ट पर चोरी का दर्ज हुआ था।
पुलिस के अनुसार, स्वर्ण सिंह भूमिगत पेट्रोलियम पाइपलाइनों के पास मकान और परिसर किराए पर लेकर गुप्त सुरंग खोदता था। इसके बाद अस्थायी वाल्व सिस्टम लगाकर पाइपलाइन से ईंधन की दिशा बदलकर चोरी करता था। आरोपी पहले ईंधन टैंकर चालक के रूप में काम कर चुका है और उसने जयपुर, गुरुग्राम, बठिंडा, कुरुक्षेत्र और दिल्ली के कई इलाकों में अपना नेटवर्क फैला रखा था।
धर्मेंद्र उर्फ रिंकू पेशे से वाहन चालक है और वह ईंधन चोरी की पूरी सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभाता था। वह चोरी किए गए ईंधन को दूसरी जगह पहुंचाने, उसके परिवहन और बिक्री में मदद करता था।
पुलिस को तीन दिसंबर को विकासपुरी इलाके में इन दोनों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। डीसीपी इंदौरा ने बताया कि दोनों हाल ही में जयपुर में किराए के मकान से सुरंग खोदकर एचपीसीएल-एमडीपीएल पाइपलाइन से डीजल चोरी के मामले में भी वांछित थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डीजल और पेट्रोल को व्यावसायिक वाहन चालकों को बेचते थे, जबकि एयर टर्बाइन फ्यूल को मिट्टी के तेल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
