@ तिरुवनंतपुरम केरल
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग बीआईएसएजी-एन के तकनीकी सहयोग से पीएम गतिशक्ति को जिला/स्थानीय स्तर पर ले जाने के प्रयास में, 100 से अधिक जिलों को कवर करते हुए सात अखिल भारतीय जिला स्तरीय कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित कर रहा है। तीसरी जिला स्तरीय कार्यशाला 13 अगस्त 2024 को तिरुवनंतपुरम (दक्षिणी क्षेत्र) में केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना के 14 जिलों के साथ आयोजित की जाएगी।

इस कार्यक्रम में केरल सरकार के उद्योग, कॉयर और कानून मंत्री पी. राजीव, 14 जिलों के जिला कलेक्टरों के साथ-साथ राज्य विभागों और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अधिकारी भाग लेंगे।
इस कार्यक्रम में (i) विभिन्न अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्र मंत्रालयों/विभागों [जैसे सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य मंत्रालय आदि] द्वारा पीएमजीएस की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने। (ii) सहयोग और बेहतर नियोजन की सुविधा के लिए नीति आयोग के आकांक्षी जिलों के कार्यक्रम के साथ पीएमजीएस की भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी और क्षेत्र विकास दृष्टिकोण को जोड़ने और (iii) अवसंरचना, सामाजिक और आर्थिक सुविधाओं की प्रभावी योजना बनाने में पीएमजीएस एनएमपी मंच की उपयोगिता और व्यापक क्षेत्र-आधारित नियोजन की सुविधा में जिला कलेक्टरों की भूमिका को दर्शाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
परिकल्पित अपेक्षित परिणामों में क्षेत्र विकास दृष्टिकोण के तहत प्रभावी नियोजन और कार्यान्वयन, आवश्यक सामाजिक और आर्थिक अवसंरचना के साथ चयनित स्थानों की परिपूर्णता, आरंभ से अंतिम छोर तक की कनेक्टिविटी की सुविधा, विद्यमान योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी कार्यान्वयन शामिल होगा, जिससे अंततः पूरे क्षेत्र में समावेशी वृद्धि और सतत विकास होगा।
अधिक कार्यशालाओं के आयोजन की तैयारी के साथ, पीएमजीएस पीएम गतिशक्ति एनएमपी पर और अधिक जिलों को शामिल करेगा। ये कार्यशालाएं जिलों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के बीच व्यापक विचार-विमर्श और परस्पर-ज्ञान के लिए पीएम गतिशक्ति एनएमपी के संबंधित हितधारकों को एक साथ लाने के लिए एक प्रभावी साधन के रूप में काम करेंगी।
पहली जिला स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला 18 जनवरी 2024 को भोपाल (मध्य क्षेत्र) में आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 18 जिलों के जिला कलेक्टरों और राज्य विभागों और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया था। दूसरी कार्यशाला 9 फरवरी 2024 को पुणे (पश्चिमी क्षेत्र) में आयोजित की गई थी जिसमें महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के 11 जिलों ने भाग लिया था।
एकीकृत अवसंरचना नियोजन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पूरी तरह प्रचालनगत है। अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्र के मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा सफल उपयोग के मामले सामने आ रहे हैं। ‘क्षेत्र विकास दृष्टिकोण’ पहल के अंतर्गत पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों पर निर्धारित क्षेत्रों की समग्र और समेकित योजना अपनाई जा रही है।

Thank you for addressing this topic. It’s very relevant to me.
This was very informative. I appreciate the clarity and depth.