@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-
पहाड़ का जीवन पहाड़ जैसा कठिन तो है लेकिन प्रकृति ने यहाँ नेमतें भी बख्श रखी है। यहाँ शुद्ध बाँज का पेडो का पानी, प्राकृतिक शुद्ध हवा, अनेक प्रकार के फल तिमला, हिसरा, बेडू, भमोरा, किनगोडा और पहाड़ का फलो का राजा काफल मुख्य है।

खट्टे मीठा रसीले फल काफल पहाड़ी क्षेत्रों के उँचाई वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं अप्रैल, म ई, जून तक काफल के लकदक पेडो की छटा दिलकश होती है। इस रसीले फल के दीवाने भारत के कोने कोने के निवासी है। काफल से स्थानीय बेरोजगारो को तीन महीने रोजगार प्राप्त होता है। यह फल 400 से 500रूपये किलो बिकता है काफल स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है यह फल शुगर, डायरिया, अस्थमा, पेट के विकार जैसे गम्भीर बीमारी में रामबाण साबित होता है।

चारो धामो की यात्रा शुरू होते ही काफल को महिलाये, बच्चे, बेरोजगार युवक नेशनल हाइवे पर काफल की कंडी टोकरी में इसे बेचते है इसके स्वाद के दीवाने भारत वर्ष के कोने कोने के लोग गाड़ी रोककर बडे चाव से इसे खरीदते है और इस पहाड़ी फल के खाने के दीवाने हो जाते हैं। यह मशहूर फल है जो कि पहाड़ की पहचान के साथ रोजगार के लिए भी वरदान साबित हो रहा है।
