@ नई दिल्ली :-
पर्यटन मंत्रालय अपनी स्वैच्छिक वर्गीकरण योजना के तहत स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत होटलों को वर्गीकृत करता है। यह रेटिंग पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाती है।

इस प्रणाली के तहत, होटलों को निधि+ पोर्टल (https://nidhi.tourism.gov.in) के माध्यम से एक स्टार से लेकर तीन स्टार, शराब के साथ या बिना शराब के चार और पाँच स्टार तथा पाँच स्टार डीलक्स तक की रेटिंग दी जाती है।
वर्गीकरण अभ्यास एक समिति द्वारा किया जाता है, जिसका नाम एचआरएसीसी (होटल और रेस्तरां अनुमोदन और वर्गीकरण समिति) है, जिसमें मंत्रालय, उद्योग संघों, होटल प्रबंधन संस्थानों और राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के सदस्य होते हैं।
पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 के बाद राज्यवार वर्गीकृत पांच सितारा होटलों की संख्या अनुलग्नक-I में दी गई है। पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 के बाद राज्यवार वर्गीकृत तीन सितारा होटलों की संख्या तथा पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 के बाद राज्यवार वर्गीकृत चार सितारा होटलों की संख्या क्रमशः अनुलग्नक-II तथा अनुलग्नक-III में दी गई है। यह जानकारी आज केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
