@ कोलकाता पश्चिम बंगाल :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित 16वें संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन में देश की सुरक्षा स्थिति और सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्हें “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद बने नए हालात और भविष्य की जंग में उभरती तकनीकों और बदलते युद्ध-तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों और आने वाले समय की योजनाओं की भी समीक्षा की।

प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की और राष्ट्र निर्माण, एंटी-पाइरेसी ऑपरेशनों, संघर्षग्रस्त इलाकों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने तथा मित्र देशों को आपदा राहत और मानवीय मदद (HADR) पहुंचाने में उनकी भूमिका की तारीफ की। उन्होंने 2025 को रक्षा क्षेत्र में ‘सुधारों का वर्ष’ घोषित करते हुए रक्षा मंत्रालय को संयुक्तता को मजबूत करने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने और नवाचार को तेज करने के निर्देश दिए।
इस सम्मेलन में रक्षा मंत्री 16 सितंबर को और चीफ ऑफ डिफेंस 17 सितंबर को संबोधित करेंगे। बता दें कि यह बैठक हर दो साल में एक बार होती है और इसे शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य कमांडरों के बीच संवाद का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। इस बार का विषय ‘सुधारों का वर्ष – भविष्य के लिए परिवर्तन’ रखा गया है, जो सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और परिवर्तन की दिशा में चल रहे प्रयासों को दर्शाता है।
अगले दो दिनों तक सम्मेलन में संरचनात्मक, प्रशासनिक और ऑपरेशनल मुद्दों पर चर्चा होगी। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सेना की तैयारी का आकलन किया जाएगा और प्रधानमंत्री की दृष्टि के अनुरूप आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सम्मेलन के दौरान सुधार, परिवर्तन, आधुनिक तकनीक और बहु-क्षेत्रीय युद्ध की तैयारियों पर फोकस रहेगा। परंपरा के मुताबिक, इस बार भी सम्मेलन में अलग-अलग रैंक के अधिकारियों और जवानों के साथ संवाद सत्र होंगे ताकि जमीनी स्तर के अनुभव और सुझाव भी उच्च स्तर की नीति-निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।
