@ जयपुर राजस्थान :-
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं आपराधिक न्याय विश्वविद्यालय में अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, परिणामोन्मुख अनुसंधान, परीक्षा प्रणाली, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, सामुदायिक सेवाओं तथा छात्र कल्याण से संबंधित विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।

राज्यपाल बागडे ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय दीर्घकालीन कार्ययोजना तैयार कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण मॉड्यूल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाए कि विद्यार्थियों को पुलिस सेवाओं एवं रक्षा सेवाओं की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो।
राज्यपाल ने समय-समय पर एजी ऑडिट करवाने के निर्देश देते हुए प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता दोहराई। साथ ही राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर उच्चस्तरीय अध्ययन–अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा प्रति माह प्रतिष्ठित विद्वानों को आमंत्रित कर ज्ञान–सहभागिता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्र निर्माण का वैचारिक केंद्र बनना चाहिए, जहाँ से अनुशासित, राष्ट्रनिष्ठ एवं नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण नेतृत्व तैयार हो। नई शिक्षा नीति भारतीय मूल्यों और राष्ट्रीय दृष्टि पर आधारित है, अतः भारतीय ज्ञान परंपरा तथा आधुनिक अनुसंधान का समन्वय कर विद्यार्थियों के ज्ञान, चरित्र एवं कौशल का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए।
राज्यपाल बागडे ने विद्यार्थियों की बौद्धिक एवं शारीरिक क्षमताओं के समग्र विकास पर विशेष बल दिया। उन्होंने खेल, व्यायाम, नेतृत्व प्रशिक्षण एवं व्यवहारिक अभ्यास को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक वृक्षारोपण अभियान संचालित करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से अपेक्षा की कि उत्कृष्ट शिक्षण–प्रशिक्षण, प्रभावी शोध तंत्र, अनुशासित प्रशासनिक व्यवस्था तथा बहुआयामी छात्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सके।
कुलगुरु डॉ. आलोक त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों, प्रवेश की वर्तमान स्थिति, एनईपी–2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, परीक्षा सुधार, अनुसंधान परियोजनाओं, सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।
