@ नई दिल्ली :-
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा भारतीय पाककला संघ पर्यटन मंत्रालय और पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल परिषद के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय युवा शेफ प्रतियोगिता के पूर्वी क्षेत्र स्तर में भारत की समृद्ध पाककला विरासत ने मुख्य भूमिका निभाई। प्रतियोगिता का आयोजन 18 सितंबर 2025 को कोलकाता के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रिशन में किया गया जिसमें पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख आतिथ्य संस्थानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

छह महीने तक चलने वाली यह प्रतियोगिता क्षेत्रीय दौरों के माध्यम से पूरे देश में यात्रा करेगी और जनवरी 2026 में नई दिल्ली में एक भव्य समापन समारोह में इसका समापन होगा। चंडीगढ़ में आयोजित सफल उत्तरी क्षेत्र दौर के बाद इसका आयोजन कोलकाता में हुआ। इसमें 11 संस्थानों ने भारतीय परंपराओं में निहित नवाचार को प्रदर्शित करते हुए लाइव कुक-ऑफ में प्रतिस्पर्धा की।
एक कड़े मुकाबले के बाद आईएचएम कोलकाता और आईएचएम भुवनेश्वर को विजयी घोषित किया गया। ये दोनो संस्थान ग्रैंड फिनाले में पूर्वी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे। आईसीएफएआई विश्वविद्यालय सिक्किम को उपविजेता घोषित किया गया।
अपने पहले संस्करण में एनवाईसीसी विशेष रूप से सरकारी निजी स्वतंत्र संस्थानों और विश्वविद्यालय विभागों के आतिथ्य एवं होटल प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाले अंतिम वर्ष के आतिथ्य छात्रों भागीदारी कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य भारतीय व्यंजनों पर केंद्रित एक मंच तैयार करना है जो इसकी गहराई विविधता और तकनीकों को प्रदर्शित करता है और साथ ही इच्छुक शेफ को इंटर्नशिप और करियर के अवसरों के लिए उद्योग से जोड़ता है।
पूर्वी क्षेत्र दौर में भाग लेने वाले संस्थानों में गुरुनानक इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट-कोलकाता आईसीएफएआई विश्वविद्यालय-सिक्किम इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड रेस्तरां मैनेजमेंट- कोलकाता आईएचएम- भुवनेश्वर आईएचएम- कोलकाता जेआईएस विश्वविद्यालय-कोलकाता मेधावी स्किल यूनिवर्सिटी- सिक्किम एनआईपीएस-भुवनेश्वर एनआईपीएस-कोलकाता एनआईपीएस-रांची स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट- दुर्गापुर शामिल थे।
प्रत्येक प्रतिभागी टीम ने ढाई घंटे के भीतर स्टार्टर मेन कोर्स और डेजर्ट सहित तीन-कोर्स भारतीय भोजन तैयार किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल मार्गदर्शकों और उत्सुक दर्शकों के सामने आधुनिक पाककला पद्धतियों का उपयोग करके पारंपरिक स्वादों का जादू जगाना था।
पूर्वी क्षेत्र दौर के निर्णायक मंडल की अध्यक्षता शेफ अनिल ग्रोवर प्रमाणित वर्ल्डशेफ्स जज ने की और इसमें शेफ अभिरू बिस्वास अध्यक्ष पूर्वी भारत पाककला संघ (ईआईसीए); शेफ संदीप कुमार पांडे महासचिव ईआईसीए; शेफ कविता उन्नी कार्यकारी सूस शेफ ताज बंगाल कोलकाता; और शेफ देबजीत मजूमदार सह-संस्थापक पैशन फॉर हॉस्पिटैलिटी शामिल थे।
प्रतियोगिता पर अपने विचार साझा करते हुए आईएफसीए के अध्यक्ष शेफ मंजीत गिल ने कहा भारत की पाक परंपराएँ विशाल और अनूठी हैं और युवा शेफ़ों को इस विरासत से नए और अभिनव तरीकों से जुड़ते देखना उत्साहजनक है। पूर्वी क्षेत्र ने असाधारण रचनात्मकता का प्रदर्शन किया जो हमारे पाककला परिदृश्य के भविष्य को दर्शाता है।
पीएचडीसीसीआई की सहायक महासचिव सु शालिनी एस शर्मा ने कहा एनवाईसीसी के साथ हमारा उद्देश्य न केवल प्रतिभाओं की खोज करना है बल्कि एक ऐसा परिदृश्य बनाना भी है जहाँ शिक्षा उद्योग और युवा एक साथ आएँ। कोलकाता में पूर्वी क्षेत्र का दौर सहयोग की मज़बूती और भारतीय पाक-कला के संरक्षण में छात्रों के जुनून को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम को क्षेत्रीय साझेदार – ली कुम की और राष्ट्रीय साझेदारों – टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स नेस्ले प्रोफेशनल क्रेमिका फूड इंडस्ट्रीज वीनस इंडस्ट्रीज हॉस्पिटैलिटी एंड किचन सॉल्यूशंस वाघ बकरी टी ग्रुप वेलबिल्ट इंडिया (मेरीशेफ एंड कॉन्वोथर्म) मैककेन फूड्स शेफ्स अनलिमिटेड ईस्टर्न इंडिया कलिनरी एसोसिएशन परचेजिंग प्रोफेशनल फोरम – इंडिया और हॉस्पिटैलिटी परचेजिंग मैनेजर्स फोरम द्वारा समर्थित किया गया था।
