सैनिक कल्याण कार्यों में सेवा और सम्मान का भाव रहे : राज्यपाल

@ भोपाल मध्यप्रदेश :-

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सैनिक कल्याण कार्यों में सेवा और सम्मान का भाव रहना चाहिए। इसी के अनुरूप सैनिक कल्याण कार्यों का विस्तार और स्वरूप निर्धारित किया जाना चाहिए। कार्य संचालन में सैनिकों के प्रति सम्मान और सेवा के भाव और भावनाएं आदर्श रूप में प्रतिध्वनित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सैनिकों के लिए किए जाने वाले निर्माण कार्य की डिजाइनिंग, आकार और सुविधाएं पूर्व सैनिकों की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप बनाई जाए। कार्य की समय सीमा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्यपाल पटेल राजभवन में समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति की 24वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह जे. एन कंसोटिया राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, जनरल आफिसर कमांडिंग मध्य भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत और जनरल ऑफिसर कमांडिंग पश्चिम मध्यप्रदेश सब एरिया मेजर जनरल सुमित कबथियाल उपस्थित थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा है कि सैनिक कल्याण संबंधी भवनों और निर्माण कार्यों की डिजाइनिंग में उपयोगकर्ता और आगंतुकों की जरूरतों के साथ सामंजस्य पर विशेष बल दिया जाए। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण विश्राम गृह भोपाल के नवीनीकरण का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रस्ताव केन्द्र सरकार को समय सीमा में भेजना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर के सैनिक विश्राम गृहों के नवीनीकरण की रूपरेखा पर अपर मुख्य सचिव गृह, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव और सचिव वित्त की समिति द्वारा प्रस्ताव का परीक्षण करने के निर्देश दिए है।

बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता को दी जाने वाली अनुदान राशि में वृद्धि की है।  अब शहीद के माता-पिता को अनुदान की राशि 10 हजार रुपए दी जाएगी। मध्यप्रदेश के निवासी ऐसे माता-पिता, जिनकी पुत्री सशस्त्र सेना में है, उनकी सम्मान निधि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रतिवर्ष की गई है।

बैठक में पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर खड़की पुणे को प्रदेश के मूल निवासी दो सैनिक को दवाई और देख-रेख के लिए प्रति पूर्व सैनिक एक लाख रुपए की राशि को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। वीर नारी पुत्री के विवाह के लिए अनुदान राशि को 45 हजार से बढ़ाकर 1 लाख करने का निर्णय किया गया है।

इस अवसर पर समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति सदस्य मेजर जनरल सेवानिवृत्त निश्चय राउत, मेजर जनरल सेवानिवृत्त पी.के. त्रिपाठी, संयुक्त संचालक केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल प्रशांत मिश्रा एवं संचालक राज्य सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त अरुण नायर सहित प्रशासन और सेना के अधिकारी मौजूद थे।

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